सीजी भास्कर, 09 जनवरी। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में राजनांदगांव जिले में सराहनीय (Free Ultrasound Pregnancy) पहल देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत अब तक 1667 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क सोनोग्राफी की जा चुकी है, जिससे समय रहते जटिलताओं की पहचान और आवश्यक उपचार संभव हो पाया है।
अभियान के अंतर्गत जिले में हर माह 9 और 24 तारीख को विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व जांच, उपचार और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा दी जा रही है, ताकि मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
किन महिलाओं को माना जाता है उच्च जोखिम श्रेणी में
अभियान के तहत उन गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की जा रही है, जिनमें किसी प्रकार का जोखिम (Free Ultrasound Pregnancy) पाया जाता है। इसमें पहले प्रसव का ऑपरेशन से होना, पूर्व में गर्भपात या मृत शिशु का जन्म, कम वजन या कम ऊंचाई, कम उम्र में गर्भधारण, गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह अथवा अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित महिलाएं शामिल हैं।
नियमित निगरानी और संपर्क
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं से प्रत्येक सप्ताह दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी और सलाह दी जा रही है, ताकि किसी भी समस्या पर तुरंत ध्यान दिया जा सके।
अब तक की स्थिति
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि जिले में कुल 1775 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं चिन्हित की गई हैं। इनमें से 1667 महिलाओं की सोनोग्राफी पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 108 महिलाओं की जांच शनिवार तक पूरी कर ली जाएगी।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का सहयोग
स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से भी नि:शुल्क सोनोग्राफी (Free Ultrasound Pregnancy) कराई जा रही है। इसी क्रम में सुंदरा अस्पताल में घुमका क्षेत्र की 11 तथा भारत डायग्नोस्टिक में 5 गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क सोनोग्राफी की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस तरह की नियमित जांच और निगरानी से गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है। जिले में चल रहा यह अभियान मातृत्व स्वास्थ्य को लेकर एक मजबूत और भरोसेमंद व्यवस्था का उदाहरण बनता जा रहा है।


