Gangaur Festival Ramanujganj : छत्तीसगढ़ के Ramanujganj में अग्र समाज की महिलाओं ने गणगौर पूजा को पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। 16 दिनों तक चलने वाले इस पारंपरिक पर्व में महिलाओं ने भगवान शिव और माता गौरी की आराधना कर सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की मंगलकामना की।
कन्हर नदी तट बना आस्था का केंद्र
पूजा के दौरान Kanhar River के तट पर बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्र हुईं। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा की, साथ ही लोकगीतों और भक्ति संगीत ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।
रानी सती मंदिर में विशेष आयोजन
Rani Sati Temple में भी विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। महिलाओं ने दीप प्रज्वलित कर माता रानी सती और गणगौर माता का आशीर्वाद लिया। भजन-कीर्तन के साथ मंदिर परिसर में श्रद्धा का अनोखा संगम देखने को मिला।
संस्कृति और एकता का प्रतीक बना आयोजन
अग्र समाज के सदस्यों ने बताया कि गणगौर पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का भी माध्यम है। यह पर्व नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का काम करता है।
सुख-समृद्धि की कामना के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं ने परिवार की खुशहाली, शांति और समृद्धि की कामना की। पूरे आयोजन ने यह साबित किया कि परंपराएं आज भी लोगों के दिलों में उतनी ही जीवंत हैं, जितनी पहले थीं।


