(Gariaband Ambulance Service) के तहत जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया। कलेक्टर B S Uike और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में 6 नई एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जिले को कुल 10 एंबुलेंस मिलनी हैं, जिनमें से पहली खेप अब सड़कों पर उतर चुकी है।
आपात स्थिति में राहत, Emergency Medical Support होगा तेज
(Emergency Medical Support) को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई इस सेवा से अब मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना आसान होगा। अब तक दूर-दराज के इलाकों में एंबुलेंस की कमी के कारण कई बार गंभीर हालात बन जाते थे, लेकिन नई व्यवस्था से इस समस्या में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
ग्रामीण इलाकों को सीधा फायदा, Rural Healthcare को मिलेगा बूस्ट
(Rural Healthcare) के लिहाज से यह पहल बेहद अहम मानी जा रही है। गरियाबंद के कई गांव और दुर्गम क्षेत्र ऐसे हैं, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं। नई एंबुलेंस सेवा के जरिए अब इन इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत मदद मिल सकेगी, जिससे इलाज में देरी नहीं होगी।
सरकार की मंशा साफ, हर जरूरतमंद तक पहुंचे सेवा
इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष Anil Chandrakar ने कहा कि सरकार का फोकस स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक मजबूत करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस पहल से आम लोगों को त्वरित और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां संसाधन कम हैं।
30 मिनट में पहुंचने का लक्ष्य, Fast Response System पर जोर
कलेक्टर B S Uike ने बताया कि इन एंबुलेंस को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, ताकि किसी भी सूचना पर अधिकतम आधे घंटे के भीतर मरीज तक पहुंचा जा सके। (Fast Response System) के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस सुविधा को प्रभावी बनाने की योजना है।
स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, लोगों में बढ़ा भरोसा
नई एंबुलेंस सेवा के शुरू होने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ताकत मिलेगी। यह पहल सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे आम जनता में भरोसा और उम्मीद दोनों बढ़ी है।


