सीजी भास्कर, 16 मार्च। रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर मैनपुर में कांग्रेस ने सोमवार को अलग अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर की प्रतीकात्मक शवयात्रा (Gariaband Congress Protest) निकाली और इसके जरिए महंगाई व गैस संकट के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। इस दौरान नगर के प्रमुख मार्गों पर रैली निकाली गई, जहां प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैस आपूर्ति और कीमतों के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया।
प्रदर्शन का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला हिस्सा वह रहा, जब कांग्रेस कार्यकर्ता रैली के बाद पंचायत कार्यालय के सामने पहुंचे और नाले के पास चाय बनाने की प्रतीकात्मक कोशिश की। चाय बनाने का यह प्रयास भले सफल नहीं हो सका, लेकिन इस अनोखे प्रदर्शन ने आसपास मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सड़क किनारे हुए इस दृश्य को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय लोगों के बीच इस प्रदर्शन को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, वहीं इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैलने लगा।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यह विरोध केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम लोगों की परेशानी को सामने लाने की कोशिश (Gariaband Congress Protest) है। उनका आरोप है कि घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हो रही है और दूसरी तरफ कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम परिवारों का बजट बिगड़ रहा है। इसी मुद्दे को प्रतीकात्मक तरीके से दिखाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चाय बनाने का प्रदर्शन किया, ताकि लोगों का ध्यान गैस संकट और महंगाई पर जाए।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मैनपुर के अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव ने किया। उनके साथ कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशान है, लेकिन सरकार इस पर गंभीरता नहीं दिखा रही। उनका कहना था कि रसोई गैस अब धीरे-धीरे आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही है और छोटे कस्बों में आपूर्ति का संकट अलग से चिंता बढ़ा रहा है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि जनता महंगाई और गैस की समस्या से जूझ रही (Gariaband Congress Protest) है, लेकिन उसके समाधान की बजाय दिखावटी बातों से काम चलाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि जब लोगों के घर का चूल्हा प्रभावित हो रहा हो, तब सरकार को राहत और आपूर्ति व्यवस्था पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस की ओर से इस प्रदर्शन के जरिए यही संदेश देने की कोशिश की गई कि गैस संकट अब केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि सीधे आम लोगों की रसोई से जुड़ा सवाल बन चुका है।
मैनपुर में हुए इस अनोखे विरोध ने साफ कर दिया कि स्थानीय स्तर पर गैस की उपलब्धता और कीमतों को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। सिलेंडर की शवयात्रा और नाले के पास चाय बनाने की कोशिश जैसे प्रतीकात्मक दृश्य ने राजनीतिक संदेश को और तेज कर दिया। फिलहाल यह प्रदर्शन इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर स्थानीय राजनीति और ज्यादा गर्म हो सकती है।





