Gaudham Yojana Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में आवारा मवेशियों की बढ़ती समस्या को देखते हुए आज एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai आज Bilaspur जिले के Lakhasar Village में गौधाम योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना का उद्देश्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे मवेशियों के लिए स्थायी व्यवस्था तैयार करना है, ताकि पशुओं की सुरक्षा के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण पाया जा सके।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद तेज हुई पहल
राज्य के राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर आवारा मवेशियों की वजह से होने वाले हादसों को लेकर मामला पहले भी चर्चा में रहा है। इसी मुद्दे पर Chhattisgarh High Court ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने मवेशियों के प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार के अधिकारियों को कड़ी टिप्पणी करते हुए ठोस व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों में गौधाम स्थापित करने की योजना तैयार की।
पशुपालक सम्मेलन में भी शामिल होंगे मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री लाखासार में योजना की शुरुआत करने के बाद Guru Ghasidas Central University में आयोजित पशुपालक सम्मेलन में भी भाग लेंगे। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में बनाए गए गौधामों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री Tokhan Sahu अध्यक्षता करेंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री Arun Sao और कृषि मंत्री Ramvichar Netam सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
लाखासार में पहले से चल रही गौशाला को मिलेगा विस्तार
ग्राम लाखासार में पिछले करीब 25 वर्षों से पूर्व सरपंच प्रमोद शर्मा द्वारा गौशाला संचालित की जा रही है। अब उसी स्थान को विकसित कर गौधाम के रूप में तैयार किया गया है, जिससे क्षेत्र में पशुओं के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ मवेशियों को सुरक्षित स्थान मिलेगा, बल्कि ग्रामीणों और पशुपालकों को भी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री दौरे को लेकर प्रशासन सतर्क
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कार्यक्रम के लिए बनाए जा रहे हेलीपेड का भी जायजा लिया गया है, जहां मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरेगा। इसके बाद वे विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर सम्मेलन में भाग लेंगे और राज्य के अन्य जिलों में स्थापित गौधामों का उद्घाटन करेंगे।





