सीजी भास्कर, 09 मार्च। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद स्थित कोपरा गौशाला में पिछले दो महीनों में भूख और प्यास के कारण 19 गायों की मौत (Gaushala Cow Death) हो गई, जिनमें से कुछ तो कंकाल में बदल गईं।
मृत गायों को पैरी नदी के किनारे फेंक दिया गया, जिससे बदबू फैलने पर यह मामला सामने आया। जांच में यह भी सामने आया कि पिछले दो महीनों से चरवाहों और देखभाल करने वाले कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला, जिसके कारण गायों की उचित देखभाल नहीं हो पाई।
स्थानीय निवासियों की शिकायत पर राजिम के एसडीएम विशाल महाराणा अपनी टीम के साथ जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने पाया कि गौशाला में मौजूद 150 मवेशी भी भूख से परेशान थे। चारा और पानी की कमी के कारण कई पशु खड़े होने की स्थिति में भी नहीं थे। प्रशासन ने गौशाला के संचालक मनोज साहू को चेतावनी दी और जिम्मेदार पशु चिकित्सक को भी नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
150 मवेशियों का रेस्क्यू (Gaushala Cow Death)
प्रशासन ने सभी 150 मवेशियों (Gaushala Cow Death) का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है। अब जिला प्रशासन गौशाला के संचालन को किसी अन्य संस्था को सौंपने की योजना बना रहा है। संचालक मनोज साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इस बीच, स्थानीय निवासियों ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गरियाबंद के कलेक्टर ने इस घटना के बाद सीएमओ, संस्था के प्रमुख और स्थानीय पशु चिकित्सा विभाग को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम विशाल महाराणा ने इस मामले में संस्था के प्रमुख को दस्तावेजों के साथ पेश होने के लिए बुलाया है।




