Gen Z Resistance POK: युवा अपने हक के लिए खड़े
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में बढ़ती अशांति पर टिप्पणी की। उनका कहना है कि Gen Z Resistance POK केवल विरोध नहीं है, बल्कि भविष्य की उम्मीद और हक की मांग है। मुफ्ती ने कहा कि जब युवा अपने सपनों को अधूरा और भविष्य को अंधकारमय पाते हैं, तो उनका प्रतिरोध स्वाभाविक है।
Gen Z का उदय: सिर्फ विरोध नहीं
महबूबा मुफ्ती ने बताया कि यह युवा वर्ग उत्तराखंड, लद्दाख और POK तक हर जगह समान रूप से उभर रहा है। उन्होंने कहा, “ये युवा केवल विरोध नहीं कर रहे। ये उस व्यवस्था का सामना कर रहे हैं जिसने उन्हें निराश किया है। ये दिल टूटने का प्रतिरोध है, अस्तित्व की पुकार है।”
न्याय, अवसर और गरिमा की मांग
पूर्व सीएम ने स्पष्ट किया कि Gen Z अब कुछ नया नहीं मांग रहे, बल्कि वही मांग रहे हैं जो उनका हक है: जवाबदेही, न्याय, अवसर और गरिमा। मुफ्ती के अनुसार, यह चेतावनी सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि पाकिस्तान के लिए भी है।
Gen Z Resistance POK: POK में प्रदर्शन और हड़ताल
POK में प्रदर्शन बढ़ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JKJAC) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया। विरोधी समूहों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप लगाए।
JKJAC की 38-सूत्रीय मांगें
JKJAC ने 38-सूत्रीय मांगें जारी की थीं, जिनमें शरणार्थियों के लिए 12 आरक्षित सीटों को समाप्त करने और कुलीन वर्ग के विशेषाधिकारों को वापस लेने की मांग शामिल है। मंत्री तारिक फजल चौधरी के अनुसार, कई मांगें पहले ही स्वीकार कर ली गई हैं।


