सीजी भास्कर, 31 दिसंबर। अगर आप भी न्यू ईयर मनाने के लिए बेहद एक्साइटेड हैं तो हो सकता है आपकी खुशी में थोड़ी रुकावट आ जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि गिग वर्कर्स ने नए साल से ठीक एक दिन पहले यानि 31 दिसंबर (बुधवार) को देशव्यापी हड़ताल (Gig Workers Strike) पर हैं। अब तक तो आप घर बैठे-बैठे ऐप के जरिए एक क्लिक कर खाने-पीने या किराने का सामान मंगवा लेते थे। लेकिन आज डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ सकता है। आसान भाषा में समझें तो जोमैटो (Zomato), स्विगी (Swiggy), ब्लिंकिट (Blinkit), जेप्टो (Zepto), अमेजन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) के लिए डिलीवरी का काम करने वाले कर्मचारी अपने काम को करने से मना कर सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि भला वर्कर्स ऐसा क्यों कर रहे हैं? तो चलिए उनकी 5 डिमांड्स के बारे में जानते हैं।
(Gig Workers Strike) वर्कर्स की 5 मांगें
गिग वर्कर्स ने 31 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल बुलाई है, गिग वर्कर्स की 5 मांग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमने प्लेटफॉर्म कंपनियों के सामने पांच मांगें रखी हैं। पहली, उन्हें वर्कर्स के लिए पुराना पेआउट सिस्टम बहाल करना चाहिए। दूसरी, 10 मिनट की डिलीवरी को प्लेटफॉर्म से हटा देना चाहिए। तीसरी, वे बिना किसी कारण या पारदर्शिता के ID ब्लॉक कर रहे हैं। चौथी, एल्गोरिदम वर्कर्स के इंसेंटिव पर नेगेटिव असर डाल रहे हैं। आखिर में, हम वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी की मांग करते हैं। इसलिए हमने 31 दिसंबर को अचानक हड़ताल का आह्वान किया है।
किस पर पड़ेगा हड़ताल का असर?
गिग वर्कर्स की हड़ताल (Gig Workers Strike) से सबसे ज्यादा असर आम लोगों और कंपनियों पर पड़ेगा। अगर गिग वर्कर्स डिलीवरी नहीं करेंगे तो कस्टमर्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, कंपनियों को भी लॉस होगा।
कौन होते हैं गिग वर्कर्स
यह ऐसे वर्कर्स होते हैं जो कंपनियों के लिए स्थायी तौर पर काम करने के बजाय कुछ समय के लिए आते हैं। यह एक तरह से स्वतंत्र कर्मचारी होते हैं। इन लोगों को हर टास्क या काम के आराध पर पैसे दिए जाते हैं। इनमें डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर, फ्रीलांस वेब डिजाइनर, और कंटेंट राइटर्स शामिल होते हैं।


