सीजी भास्कर, 11 जनवरी। ईमेल अब सिर्फ संदेश पढ़ने तक सीमित नहीं रहेंगे। Google ने Gmail के लिए एक नया और उन्नत फीचर AI Inbox पेश किया है, जो यूजर के इनबॉक्स को स्मार्ट तरीके से मैनेज (Gmail AI Inbox) करेगा। यह फीचर ईमेल की भाषा और संदर्भ को समझकर खुद ही जरूरी कामों की पहचान करेगा, उन्हें टू-डू लिस्ट में बदलेगा और जरूरत पड़ने पर जवाब का ड्राफ्ट भी तैयार करेगा।
Google का मकसद Gmail को एक साधारण मेल सर्विस से आगे बढ़ाकर ऐसा डिजिटल वर्कस्पेस बनाना है, जहां ईमेल, रिमाइंडर और टास्क अपने आप जुड़ते चले जाएं। AI Inbox अहम ईमेल को प्राथमिकता देगा, फॉलो-अप की जरूरत वाले मैसेज चिन्हित करेगा और लंबे ईमेल थ्रेड की संक्षिप्त समरी भी दिखाएगा, ताकि यूजर को पूरा मेल पढ़ने की जरूरत न पड़े।
यह AI फीचर यूजर के ईमेल इस्तेमाल के पैटर्न को धीरे-धीरे समझता है। कौन से मेल तुरंत ध्यान देने योग्य हैं, किस तरह के मैसेज अक्सर जवाब मांगते हैं और किन ईमेल्स को नजरअंदाज किया जा सकता है—इन सबका विश्लेषण कर AI Inbox इनबॉक्स को अपने आप व्यवस्थित करता है। किसी मीटिंग, डेडलाइन या फॉलो-अप से जुड़ा मेल आते ही उससे जुड़ा टास्क स्वतः तैयार हो जाता है।
AI Inbox की एक खास सुविधा यह भी है कि यह रिप्लाई का मसौदा खुद तैयार (Gmail AI Inbox) करता है। यूजर चाहें तो उसे वैसा ही भेज सकते हैं या जरूरत के अनुसार उसमें बदलाव कर सकते हैं। इसके अलावा, एक ही विषय से जुड़े कई ईमेल्स को AI एक जगह समेटकर उनकी संक्षिप्त जानकारी भी देता है, जिससे समय की बचत होती है।
फिलहाल यह फीचर अमेरिका में चुनिंदा यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। Google ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इसे अन्य देशों में भी चरणबद्ध तरीके से लॉन्च किया जाएगा। कंपनी की दीर्घकालिक योजना है कि भविष्य में AI Inbox कॉल करना, भुगतान से जुड़े काम और दूसरे डिजिटल टास्क भी संभाल सके।
फ्री Gmail यूजर्स को ईमेल समरी और बेसिक ऑटो-रिप्लाई जैसे फीचर्स मिलेंगे, जबकि Google One AI Pro जैसे पेड सब्सक्रिप्शन लेने वालों को एडवांस सुविधाएं दी जाएंगी, जिनमें ग्रामर चेक, स्मार्ट सर्च और AI-आधारित ईमेल एनालिसिस शामिल है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जरूरत से ज्यादा ऑटो-सुझाव कुछ यूजर्स के लिए मानसिक (Gmail AI Inbox) दबाव भी पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा, AI द्वारा लिए गए फैसलों पर कितना भरोसा किया जाए, यह भी एक अहम सवाल बना हुआ है। इसके बावजूद, माना जा रहा है कि AI Inbox ईमेल मैनेजमेंट के तरीके को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है।


