सीजी भास्कर, 2 मार्च। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर अब भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी कारोबार पर पड़ने की आशंका (Gold Supply Disruption India) जताई जा रही है। दुबई एयरस्पेस प्रभावित होने और उड़ानों में रुकावट के कारण सोने और कच्चे हीरों की सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है और हीरों की कटिंग-पॉलिशिंग में अग्रणी है, ऐसे में लॉजिस्टिक्स बाधित होने से कीमतों में बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।
दुबई पर निर्भर है बड़ा हिस्सा
व्यापारिक सूत्रों के मुताबिक भारत हर साल करीब 800 से 850 टन सोना आयात करता है, जिसमें 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा दुबई के जरिए आता है। रफ डायमंड का बड़ा हिस्सा भी दुबई से होकर सूरत और मुंबई पहुंचता है। दुबई अंतरराष्ट्रीय डायमंड ट्रेड का प्रमुख ट्रांजिट हब है, जहां से बड़ी मात्रा में कंसाइनमेंट भारत और अन्य देशों के लिए भेजे जाते हैं।
सूरत-मुंबई उद्योग पर दबाव
सूरत के डायमंड पॉलिशिंग हब और मुंबई के ज्वेलरी कारोबारियों ने आशंका जताई है कि उड़ानों के अस्थायी रूप से बंद होने से शिपमेंट और पेमेंट साइकिल प्रभावित (Gold Supply Disruption India) हो सकती है। लगभग 250 भारतीय हीरा कारोबारी अमीरात में अपने कार्यालय संचालित करते हैं और बड़ी संख्या में भारतीय कामगार वहां कार्यरत हैं। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बाधित रहने पर कारोबारी गतिविधियां धीमी पड़ सकती हैं।
कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना
यदि आयात में देरी लंबी चली तो घरेलू बाजार में आपूर्ति घट सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहार और शादी सीजन से पहले यदि सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो सोने और हीरे के गहनों की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है।
वैकल्पिक मार्गों पर विचार
उद्योग जगत फिलहाल हालात पर नजर बनाए (Gold Supply Disruption India) हुए है और वैकल्पिक सप्लाई रूट तथा लॉजिस्टिक व्यवस्था पर विचार कर रहा है। हालांकि व्यापारियों को उम्मीद है कि स्थिति जल्द सामान्य होगी और सप्लाई चेन स्थिर हो जाएगी।






