सीजी भास्कर, 30 अगस्त : साइबर अपराधियों ने अबतक की सबसे बड़ी वारदातों में से एक को अंजाम दिया है। (Google Pay Fraud) नेवई थाना क्षेत्र के आशीष नगर में रहने वाले 76 वर्षीय जयतराम चंदेल के साथ करीब 18 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हो गई। प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनके बैंक खातों से बिना जानकारी के धीरे-धीरे रकम निकाल ली गई।
जानकारी के अनुसार, जयतराम चंदेल के किराएदार आकाश सिंह ने किराए की रकम जमा करने के बहाने उनके मोबाइल में Google Pay एप डाउनलोड कराया। शुरुआत में आकाश ने 7,302 रुपये उनके खाते में भेजे और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया समझाने के लिए उनके मोबाइल से अपनी पत्नी के खाते में तीन बार एक-एक रुपये भेजे। लेकिन इसी दौरान अज्ञात साइबर ठगों ने उनकी निजी जानकारी पर कब्जा कर लिया और यूनियन बैंक खाते से 6,72,603 रुपये तथा एसबीआई खाते से 10,96,941 रुपये विभिन्न किश्तों में उड़ा लिए।
पुलिस ने बताया कि चंदेल के दोनों बैंक खातों में पंजीकृत मोबाइल नंबर सक्रिय थे। यूनियन बैंक का खाता संयुक्त होने से उसमें उनकी पत्नी कुमुद चंदेल का मोबाइल नंबर दर्ज था। इस वजह से ठगों ने आसानी से ओटीपी का दुरुपयोग कर रकम ट्रांसफर कर दी। घटना का खुलासा तब हुआ जब जयतराम ने अपने खाते की जांच की।
स्थानीय पुलिस ने पूरे मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। (Google Pay Fraud) की यह वारदात न केवल पुलिस बल्कि साइबर सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चुनौती बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना डिजिटल पेमेंट सिस्टम की कमजोरियों और लोगों की जागरूकता की कमी को उजागर करती है।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि किसी भी परिस्थिति में अपने मोबाइल फोन को अनजान व्यक्ति के हाथ में न दें और यूपीआई से जुड़ी जानकारी साझा न करें। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि (Google Pay Fraud) जैसे मामलों को रोकने के लिए लोगों को डिजिटल साक्षरता और बैंकिंग सुरक्षा नियमों की जानकारी देना बेहद आवश्यक है।