सीजी भास्कर, 06 फरवरी | Government Fund Fraud Mungeli : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सरकारी धन से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कलेक्ट्रेट के पर्यावरण अधोसंरचना विकास उपकर खाते से करीब 26.87 लाख रुपये की अनधिकृत निकासी की गई। मामला उजागर होते ही प्रशासनिक महकमे और बैंक प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
अधिकृत लेन-देन नहीं, नोटिस से खुली परतें
अपर कलेक्टर द्वारा जब खाते के लेन-देन को लेकर बैंक से जवाब तलब किया गया, तब यह सामने आया कि निकाली गई राशि कार्यालय की अनुमति से नहीं थी। प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ कि लेन-देन की प्रक्रिया सामान्य नहीं थी और आंतरिक स्तर पर गड़बड़ी की गई।
गोपनीय आईडी से निकाली गई सरकारी रकम
जांच में सामने आया कि सेंट्रल बैंक की मुंगेली शाखा में पदस्थ कर्मचारी ने अधिकारियों की गोपनीय लॉग-इन आईडी का इस्तेमाल किया। आंतरिक वाउचर के जरिए सिस्टम में एंट्री कर सरकारी खाते से रकम निकाल ली गई, जिसकी किसी भी स्तर पर स्वीकृति नहीं ली गई थी।
आरोपी निलंबित, राशि वापस जमा
मामला सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने तत्काल गबन की गई पूरी रकम संबंधित सरकारी खाते में वापस जमा करा दी। आरोपी कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उसे निलंबित कर दिया गया। साथ ही, उच्च स्तर से आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने जताई नाराज़गी
जिला प्रशासन का मानना है कि यह केवल एक कर्मचारी की गलती नहीं, बल्कि सिस्टम में मौजूद कमजोरियों का नतीजा है। सरकारी धन की सुरक्षा में चूक को गंभीर अपराध मानते हुए पूरे प्रकरण की दस्तावेजी जांच की जा रही है।
आगे बढ़ सकती है कानूनी कार्रवाई
अधिकारियों के संकेतों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद बैंक प्रबंधन और जिम्मेदार लोगों पर सख्त वैधानिक कदम उठाए जा सकते हैं। मामला अब केवल आंतरिक अनुशासन तक सीमित न रहकर कानूनी दायरे में जाता दिख रहा है।




