Ground Reality Politics : छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर तल्ख मगर संतुलित बयान ने हलचल बढ़ा दी है। अंबिकापुर दौरे पर पहुंचे प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लेकर दो टूक बात कही। उन्होंने सरकार की नीयत को लेकर भरोसा जताया, लेकिन मौजूदा हालात को चिंताजनक बताया।
नीयत अच्छी, पर असर कमजोर
मीडिया से बातचीत में सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा पर उन्हें कोई संदेह नहीं है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री एक सहज और भले इंसान हैं, जो राज्य के लिए बेहतर करना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिर्फ अच्छी नीयत से शासन नहीं चलता, उसके लिए जमीनी पकड़ और सख्त अमल भी जरूरी होता है।
‘कंबल ओढ़कर जनता में जाने’ का संदेश
सिंहदेव ने पुराने दौर की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि कभी राज्य का मुखिया कंबल ओढ़कर आम लोगों के बीच निकल जाता था, बिना तामझाम, बिना दीवारों के। वही तरीका आज भी कारगर हो सकता है। उनका इशारा साफ था कि सत्ता और जनता के बीच बढ़ती दूरी को पाटने के लिए सीधे संवाद की जरूरत है।
लेनदेन बढ़ा, आम आदमी पिसा
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार पर भी खुलकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हालात पहले से ज्यादा बिगड़े हैं और लेनदेन अब दुगुना-तिगुना हो चुका है। इसका सीधा असर आम नागरिक पर पड़ रहा है, जो रोजमर्रा के कामों में लगातार परेशान हो रहा है।
ऊपर तक नहीं पहुंच रही सच्चाई
सिंहदेव ने आरोप लगाया कि सरकार तक जमीनी सच्चाई पूरी तरह नहीं पहुंच पा रही है। कई अहम समस्याएं या तो रास्ते में ही रुक जाती हैं या फिर उन पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और संवेदनशीलता की कमी अब साफ नजर आने लगी है।
चेतावनी भी, सलाह भी
सिंहदेव का यह बयान न सिर्फ सत्ता पक्ष के लिए चेतावनी माना जा रहा है, बल्कि एक राजनीतिक सलाह के तौर पर भी देखा जा रहा है। संदेश साफ है—अगर नीयत को नतीजों में बदलना है, तो कुर्सी से उतरकर जमीन पर आना होगा।




