सीजी भास्कर, 13 जनवरी। स्टेट और सेंट्रल जीएसटी विभाग (GST Notice Chhattisgarh) ने बकाया टैक्स वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तय ₹44 हजार करोड़ के राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रदेश के 7000 कारोबारियों और करदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस उन फर्मों को भेजे गए हैं, जिन पर टैक्स बकाया है या जिनके रिटर्न और भुगतान में अंतर पाया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले हर हाल में बकाया टैक्स जमा करना होगा।
जीएसटी विभाग के अधिकारी 15 फरवरी तक कर वसूली का लक्ष्य पूरा करने में जुटे हुए हैं। इसके साथ ही आयकर विभाग और जीएसटी इंटेलिजेंस की टीमें टैक्स चोरी करने वाले कारोबारियों पर नजर बनाए हुए हैं। विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से करोड़ों के टर्नओवर वाली फर्मों के लेनदेन, रिटर्न और टैक्स भुगतान का विश्लेषण किया जा रहा है। संदिग्ध मामलों में छापेमारी और सर्वे की तैयारी भी की जा रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्टेट जीएसटी को लगभग ₹27,500 करोड़ और सेंट्रल जीएसटी को ₹16,000 करोड़ राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया है। अब तक सेंट्रल जीएसटी को लगभग 81 प्रतिशत (₹13,000 करोड़) और स्टेट जीएसटी को 76 प्रतिशत (₹21,000 करोड़) राजस्व प्राप्त हो चुका है। शेष लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग बकाया और विवादित प्रकरणों के तेजी से निपटारे पर जोर दे रहा है।
GST ट्रिब्यूनल में जाएंगे 3000 विवादित मामले
जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GST Tribunal) में 3000 विवादित प्रकरणों की सुनवाई 21 जनवरी से शुरू होगी। नवा रायपुर स्थित न्यू जीएसटी भवन में राज्य पीठ की शुरुआत के साथ 1 जुलाई 2017 से लंबित मामलों, बकाया टैक्स, छापेमारी के बाद रिकवरी और अन्य विवादों का निपटारा किया जाएगा।
केंद्र सरकार (GST Notice Chhattisgarh) ने रायपुर पीठ के लिए प्रदीप कुमार व्यास को न्यायिक सदस्य और सतीश कुमार अग्रवाल को तकनीकी सदस्य (केंद्रीय) नियुक्त किया है। पदभार ग्रहण के साथ ही लंबित मामलों के निराकरण और बकाया टैक्स की वसूली की प्रक्रिया तेज की जाएगी। वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में छापेमारी और सर्वे का सिलसिला और तेज होने के संकेत हैं।


