सीजी भास्कर, 31 अक्टूबर। राज्य सरकार ने 2.50 लाख रुपये से अधिक की सभी सरकारी खरीदी पर दो प्रतिशत (GST-TDS Implementation) जीएसटी टीडीएस काटना अब अनिवार्य कर दिया है। वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों, निगमों, मंडलों, आयोगों, विश्वविद्यालयों और शासकीय संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई विभागों द्वारा जीएसटी टीडीएस (GST-TDS Implementation) की कटौती में लगातार लापरवाही बरती जा रही थी, जिससे राज्य शासन को राजस्व की भारी हानि हो रही थी। विभाग ने कहा है कि केंद्रीय और छत्तीसगढ़ राज्य के जीएसटी अधिनियमों के तहत यह प्रावधान पहले से मौजूद है, लेकिन इसका पालन पर्याप्त रूप से नहीं किया जा रहा था। अब वित्त विभाग ने पुराने आदेशों को निरस्त करते हुए नए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के मुताबिक, किसी भी शासकीय कार्यालय, स्थानीय प्राधिकरण या अनुदान प्राप्त संस्था द्वारा जब भी किसी सप्लायर या ठेकेदार को 2.50 लाख रुपये (GST-TDS Implementation) से अधिक का भुगतान किया जाएगा, तो भुगतान से पहले दो प्रतिशत की दर से जीएसटी टीडीएस काटना अनिवार्य होगा। यह कटौती संबंधित डीडीओ (ड्रॉइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर) के माध्यम से की जाएगी।
वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भुगतान से पूर्व संबंधित वेंडर का जीएसटी नंबर वैध होना आवश्यक है। इसके बिना भुगतान नहीं किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था लागू होने से राज्य सरकार को राजस्व की हानि से बचाने में मदद मिलेगी और कर प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।
इसके अलावा, विभाग ने सभी विभागीय लेखा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक बिल में जीएसटी टीडीएस की जानकारी दर्ज हो और रिटर्न निर्धारित समय पर दाखिल किए जाएं। राज्य शासन का मानना है कि इस नए प्रावधान से सरकारी खरीदी प्रक्रिया में वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही को और मजबूती मिलेगी।


