छत्तीसगढ़–ओडिशा सीमा पर स्थित गुलमी वाटरफॉल में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। महाशिवरात्रि के अवसर पर घूमने पहुंचे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद से क्षेत्र में मातम पसरा है और हर कोई उसी पल को याद कर सिहर उठा है जब एक हंसता-खेलता जवान अचानक लापता हो गया। इस पूरी घटना को स्थानीय लोग अब (Gulmi Waterfall incident) के नाम से याद कर रहे हैं।
छुट्टी का दिन बना जिंदगी का आखिरी सफर
नगरनार स्थित NMDC प्रोजेक्ट में तैनात CISF के कुछ जवान छुट्टी मिलने पर प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने गुलमी वाटरफॉल पहुंचे थे। भोजन के बाद 28 वर्षीय आकाश चौधरी पानी में उतर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण वह अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया। कुछ ही पलों में उसकी आवाज पानी के शोर में खो गई, और यह मौज-मस्ती (CISF jawan drowned) की दर्दनाक खबर में बदल गई।
सीमा पर चला लगातार रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलते ही ओडिशा के कोटपाड़ थाना क्षेत्र की पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। गोताखोरों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन शाम तक जवान का कोई सुराग नहीं मिला। उफनते पानी और फिसलन भरी चट्टानों के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यह इलाका पहले भी हादसों के लिए जाना जाता रहा है, इसलिए (Chhattisgarh Odisha border) पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
साथियों की आंखों में डर और पछतावा
जवान के साथ मौजूद साथी खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। उनका कहना है कि सब कुछ सामान्य लग रहा था, किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों में हालात बदल जाएंगे। घटना के बाद से वे बार-बार खुद को दोषी मानते हुए सदमे में हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर (Waterfall accident news) के जरिए प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा की कमी को उजागर कर दिया है।
परिजनों तक पहुंची सूचना, गांव में पसरा मातम
घटना की जानकारी जवान के परिजनों तक पहुंचा दी गई है। बताया जा रहा है कि परिवार के लोग इस खबर से पूरी तरह टूट गए हैं। गांव में शोक का माहौल है, हर कोई जवान की बहादुरी और अनुशासन की बातें कर रहा है। एक जिम्मेदार फोर्स का सिपाही छुट्टी के कुछ पलों में अपनी जान गंवा देगा, यह किसी ने नहीं सोचा था।
प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग
स्थानीय लोगों ने गुलमी वाटरफॉल जैसे पर्यटन स्थलों पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा रस्सी, और प्रशिक्षित लाइफगार्ड की तैनाती की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल यहां दूर-दराज से लोग घूमने आते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर इंतजाम बेहद सीमित हैं। यह हादसा प्रशासन के लिए चेतावनी है कि प्रकृति की खूबसूरती के साथ सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


