सीजी भास्कर, 09 जनवरी |
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से एक बड़ा मामला सामने आया है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने एक साहित्यकार को कार्यक्रम से बाहर जाने के लिए कह दिया था। इस पूरे मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। विधायक अटल श्रीवास्तव ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ( GGU ) के कुलपति (Alok Kumar Chakrawal) के खिलाफ राष्ट्रपति ( President of india ) को पत्र लिखा है। विधायक ने कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने और उनके पूरे कार्यकाल की जांच कराने की मांग की है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में साहित्य अकादमी, नई दिल्ली और हिंदी विभाग, गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को समकालीन हिन्दी कहानी बदलते जीवन संदर्भ पर राष्ट्रीय परिसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में अध्यक्ष के रूप में भाषण देने के लिए कुलपति प्रोफेसर आलोक चक्रवाल मंच पर पहुँचे। बोलते-बोलते कुलपति विषयांतर हो गए और उन्होंने वहां मौजूद महाराष्ट्र, नागपुर से आए साहित्यकार, कथाकार मनोज रूपड़ा से पूछ लिया कि, “आप बोर तो नहीं हो रहे?” साहित्यकार रूपड़ा ने उनसे कहा, “आप इधर-उधर की जगह विषय पर बात कीजिए।”
“आपका स्वागत नहीं है, यहाँ से बाहर निकल जाइए”
इतना सुनते ही कुलपति आलोक चक्रवाल भड़क गए और उन्होंने आपा खोते हुए साहित्यकार से कहा, “कुलपति से कैसे बात करनी चाहिए, आपको नहीं पता, आप निकल जाइए, आपका यहाँ स्वागत नहीं है।” कुलपति ने उन्हें कार्यक्रम से बाहर जाने को कह दिया।इससे वहां माहौल गरमा गया। कुलपति के इस रवैये से कार्यक्रम में मौजूद कुछ और साहित्यकार भी नाराज होकर बाहर चले गए। इस पूरे घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


