Guru Pradosh Vrat 2026 : साल 2026 का पहला दिन धार्मिक दृष्टि से खास संकेत लेकर आ रहा है। वैदिक पंचांग के अनुसार, 1 जनवरी गुरुवार को पड़ रहा है और इसी दिन गुरु प्रदोष व्रत रखा जाएगा। गुरुवार के संयोग से यह दिन शिव-पार्वती की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
शिव कृपा का विशेष अवसर
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से शीघ्र फल की प्राप्ति होती है। जब यह व्रत गुरुवार को आता है, तब बृहस्पति ग्रह की शुभता भी जुड़ जाती है, जिससे पूजा का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
नौकरी-व्यापार में सुधार के योग
ज्योतिषीय दृष्टि से गुरु प्रदोष व्रत पर किए गए उपाय नौकरी में स्थिरता, व्यापार में लाभ और आर्थिक अड़चनों से राहत दिलाने वाले माने जाते हैं। नए साल के पहले दिन शिव आराधना करने से पूरे वर्ष सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
शिवलिंग अभिषेक से दोष शांति
इस दिन प्रातः स्नान के बाद गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। गंगाजल में काले तिल मिलाकर अभिषेक करने की परंपरा है, जिसे नकारात्मक प्रभाव और ग्रह दोष कम करने वाला उपाय माना जाता है।
घर में सुख-शांति का उपाय
आर्थिक संतुलन और पारिवारिक शांति के लिए तुलसी पौधे की विधिवत पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। गंगाजल में कनेर का फूल मिलाकर तुलसी को अर्घ्य देने से विष्णु कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
चंद्र बल के लिए दूध से अभिषेक
मानसिक तनाव, चिंता और अस्थिरता से राहत पाने के लिए गाय के कच्चे दूध से भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है। धार्मिक विश्वास है कि इससे चंद्रमा मजबूत होता है और मन को शांति मिलती है।
पीले वस्त्र और दान का महत्व
प्रदोष व्रत के दिन पीले रंग की वस्तुओं का दान करना शुभ माना गया है। यह बृहस्पति ग्रह को मजबूत करता है, जिससे शिक्षा, करियर और व्यापार से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।
मंत्र जाप से पूर्ण फल
गुरु प्रदोष व्रत पर महामृत्युंजय मंत्र का जप और शिव तांडव स्तोत्र का पाठ विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे शिव कृपा बनी रहती है और जीवन में सुख-समृद्धि का प्रवाह बना रहता है।




