भिलाईनगर, 28 मार्च। औद्योगिक क्षेत्र हथखोज में एक प्रशासनिक फैसले ने सैकड़ों परिवारों की जिंदगी को सीधे प्रभावित कर दिया है। नागरिक आपूर्ति निगम के निर्णय के बाद यहां काम करने वाले करीब 400 हमालों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
सालों से गोदाम में काम कर रहे इन मजदूरों के पास अब कोई रोजगार नहीं बचा है, जिससे उनका जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को (Hamals Employment Crisis) के रूप में देखा जा रहा है।
20 साल पुरानी व्यवस्था खत्म, ‘Rice Storage Issue’ बना संकट की वजह
जानकारी के अनुसार, करीब दो दशकों से इस गोदाम में मिलरों की टैगिंग के जरिए चावल का भंडारण किया जा रहा था। लेकिन इस वर्ष अचानक इस प्रक्रिया को रोक दिया गया, जिससे गोदाम में चावल आना बंद हो गया।
चावल का भंडारण रुकते ही लोडिंग, अनलोडिंग और स्टैकिंग जैसे काम ठप हो गए, जो इन हमालों की आय का मुख्य जरिया थे। यह पूरा मामला अब (Rice Storage Issue) के कारण उत्पन्न हुआ संकट बन गया है।
रोजगार छिनने से परिवारों पर असर, बच्चों की पढ़ाई भी खतरे में
काम बंद होने का असर केवल हमालों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवारों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
कमाई रुकने से परिवारों के भरण-पोषण के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कई हमालों ने बताया कि अचानक काम बंद हो जाने से वे भविष्य को लेकर असमंजस में हैं और नई शुरुआत कहां से करें, यह समझ नहीं आ रहा।
‘Labour Crisis’ के बीच अधर में भविष्य, आधी उम्र के बाद नई शुरुआत मुश्किल
लंबे समय से इसी काम में लगे हमालों के लिए अब नई नौकरी तलाशना आसान नहीं है।
जिन लोगों ने अपनी आधी जिंदगी इसी काम में गुजार दी, उनके सामने अब बड़ा सवाल यह है कि वे किस क्षेत्र में जाकर काम करें। यह स्थिति धीरे-धीरे एक बड़े (Labour Crisis) का रूप लेती नजर आ रही है।
सुविधाओं से लैस गोदाम अब सूना, 2005 से चल रही व्यवस्था पर लगा ब्रेक
उल्लेखनीय है कि हथखोज स्थित यह गोदाम, जहां वर्ष 2005 से नागरिक आपूर्ति निगम का चावल संग्रहित किया जा रहा था, पूरी तरह से सुविधाओं से लैस रहा है।
ट्रांसपोर्ट नगर के पास स्थित होने के कारण यहां ट्रकों की आवाजाही चौबीसों घंटे बनी रहती थी और पर्याप्त संख्या में हमाल उपलब्ध होने से काम तेजी से होता था।
इसके बावजूद अचानक भंडारण बंद होने से यह पूरा सिस्टम ठप पड़ गया है और सैकड़ों लोगों की आजीविका पर संकट गहरा गया है।


