सीजी भास्कर, 27 अगस्त। एक बुजुर्ग दादा अपने ही पोते के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार करता दिखाई दिया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। दादा अपने पोते को रस्सियों और बेड़ियों से बांधकर रिक्शे में स्कूल ले जा रहा था।
सबसे दु:खद बात यह थी कि मासूम बच्चा जन्म से ही दृष्टिहीन है।
पंजाब के अमृतसर से इंसानियत को झकझोर देने वाली यह घटना सामने आई है।
लोहगढ़ में इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि ठेले पर दादा बच्चे को बांधकर ले जा रहा है।
बच्चे के हाथ रस्सियों से बंधे हैं और पैर में बेड़ियां हैं। बच्चा जोर-जोर से रोता रहा और वहां मौजूद लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा।
यह दृश्य देखकर लोग सन्न रह गए। उसी दौरान स्थानीय समाजसेवी शिवम मेहता की नजर इस घटना पर पड़ी।
उन्होंने तुरंत रिक्शे का पीछा किया और मामले की सूचना पुलिस को दी।
दादा को पुलिस ने हिरासत में लिया
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और बच्चे को रस्सियों से मुक्त कराया।
बच्चे की हालत देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।
उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए दादा को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में दादा ने सफाई दी कि बच्चा पिछले तीन महीनों से स्कूल जाने से इंकार कर रहा था। बार-बार कहने के बावजूद वह तरह-तरह के बहाने बनाता था।
दादा का कहना था कि इसी वजह से उसने कठोर कदम उठाया, ताकि बच्चा स्कूल जाने से कतराए नहीं।
हालांकि, यह तर्क किसी के गले नहीं उतरा। स्थानीय लोग दादा की हरकत से गुस्से में आ गए और जमकर नाराजगी जताई।
बच्चे के अधिकारों का हनन
लोगों ने आरोप लगाया कि यह बच्चे के अधिकारों का हनन है और दादा का तरीका क्रूरता की श्रेणी में आता है।
वहीं, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दादा को सख्त चेतावनी दी और समझाया कि भविष्य में दोबारा ऐसा कदम न उठाया जाए।
इसके साथ ही पुलिस ने दादा से लिखित रूप में आश्वासन लिया कि वह आगे बच्चे के साथ ऐसा बर्ताव नहीं करेगा।
समाजसेवियों ने भी पुलिस प्रशासन से अपील की कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखाई जाए और जरूरत पड़ने पर बच्चे को विशेष संस्थानों में शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, फिलहाल बच्चा अपने दादा की देखरेख में है।