छत्तीसगढ़ के कोरबा में आयोजित हनुमंत कथा के पहले दिन ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए, जिससे पूरा आयोजन स्थल भक्तिमय माहौल में डूब गया। भीड़ इतनी अधिक रही कि प्रशासन को व्यवस्था संभालने में अतिरिक्त प्रयास करने पड़े। इस धार्मिक आयोजन ने (Hanumant Katha Korba) को क्षेत्र का प्रमुख आकर्षण बना दिया है।
मंच से धर्मांतरण पर तीखी प्रतिक्रिया
कथावाचक Dhirendra Krishna Shastri ने अपने संबोधन में धर्मांतरण के मुद्दे पर स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चल रही गतिविधियों को लेकर जागरूकता जरूरी है और जो लोग अपने धर्म से दूर चले गए हैं, उन्हें वापस जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उनके इस बयान को लेकर (Religious Conversion Debate) की चर्चा तेज हो गई है।
ऊर्जा नगरी की भूमिका को सराहा
अपने प्रवचन के दौरान उन्होंने कोरबा की ऊर्जा उत्पादन में अहम भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। साथ ही स्थानीय लोगों की आस्था और प्रेम को भी उन्होंने सराहा, जिससे (Korba Religious Event) का माहौल और सकारात्मक बना।
खुद को बताया छत्तीसगढ़ का ‘भांचा’
कथा के दौरान उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का ‘भांचा’ बताते हुए इस भूमि से अपने विशेष जुड़ाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सिर्फ औद्योगिक नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद समृद्ध है। इस बयान ने उपस्थित लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव और बढ़ा दिया।
1 अप्रैल तक चलेंगे धार्मिक कार्यक्रम
यह धार्मिक आयोजन 1 अप्रैल तक जारी रहेगा, जिसमें रोजाना कथा के साथ विशेष धार्मिक कार्यक्रम और दिव्य दरबार का आयोजन किया जाएगा। आने वाले दिनों में और भी ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिससे (Spiritual Event Chhattisgarh) और भव्य होने की उम्मीद है।


