Harish Duhan WCL Additional Charge : साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन को वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सीएमडी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। कोयला मंत्रालय के आदेश के अनुसार वे 1 फरवरी 2026 से यह जिम्मेदारी संभालेंगे। यह व्यवस्था आगामी तीन माह या अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगी।
एसईसीएल में दिखा असरदार प्रबंधन
27 मार्च 2025 को एसईसीएल की कमान संभालने के बाद हरीश दुहन के कार्यकाल में कंपनी के संचालन में स्पष्ट बदलाव देखने को मिले हैं। उनके नेतृत्व में निर्णय प्रक्रिया तेज हुई और तकनीकी नवाचारों को प्राथमिकता मिली, जिससे उत्पादन और सुरक्षा दोनों स्तरों पर सुधार दर्ज किया गया।
भूमिगत खदानों में नई तकनीक की पहल
एसईसीएल देश की पहली कोल पीएसयू बनी, जहां भूमिगत खदानों में पेस्ट-फिल तकनीक को सफलतापूर्वक अपनाया गया। इस तकनीक से खनन कार्य अधिक सुरक्षित हुआ है और उत्पादन क्षमता में भी स्थिरता आई है, जिसे कोयला उद्योग में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भूमि अधिग्रहण में आई तेजी
प्रबंधन स्तर पर लिए गए फैसलों का असर लंबे समय से अटकी परियोजनाओं पर भी दिखा। अप्रैल 2025 से अब तक 250 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया गया, जिससे विस्तार योजनाओं को नई गति मिली और भविष्य की उत्पादन रणनीति को मजबूती मिली।
महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल
एसईसीएल में नारी सशक्तिकरण को लेकर भी ठोस पहल की गई। कंपनी ने पूरी तरह महिला-संचालित डिस्पेंसरी और ऑल-वूमेन सेंट्रल स्टोर यूनिट की शुरुआत की, जिसे कार्यस्थल पर समावेशन और समान अवसर की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
तीन दशक से अधिक का खनन अनुभव
हरीश दुहन को कोयला खनन क्षेत्र में 34 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से माइनिंग इंजीनियरिंग में स्नातक किया है और उनके पास फर्स्ट क्लास माइन मैनेजर सर्टिफिकेट के साथ प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1989 में वेस्टर्न कोलफील्ड्स से की थी।
दोनों कंपनियों में बेहतर समन्वय की उम्मीद
वेस्टर्न कोलफील्ड्स का अतिरिक्त प्रभार मिलने से एसईसीएल और डब्ल्यूसीएल के बीच संचालन, तकनीक और प्रबंधन स्तर पर बेहतर समन्वय की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इससे उत्पादन दक्षता बढ़ेगी और कोयला क्षेत्र में निर्णय-निर्माण और अधिक प्रभावी होगा।




