सीजी भास्कर, 1 जनवरी। बलरामपुर जिले के शासकीय प्राथमिक शाला बैरडीहखुर्द में पदस्थ प्रधान पाठक बीरबल यादव को कार्य स्थल पर गंभीर दुर्व्यवहार और महिलाओं के प्रति लैंगिक अपराध के प्रकरण में तत्काल प्रभाव से निलंबित (Headmaster Suspension) कर दिया गया है। यह कार्रवाई विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कुसमी द्वारा कराई गई जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधान पाठक बीरबल यादव द्वारा संस्था में कार्यरत सहायिका एवं एक ग्रामीण महिला के साथ नशे की हालत में अश्लील हरकत किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इसके साथ ही आरोप था कि शराब के नशे में विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कुसमी द्वारा जांच कराई गई और विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
जांच प्रतिवेदन में प्रधान पाठक बीरबल यादव पर लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि हुई है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उनका आचरण अशिष्ट, अभद्र और अशोभनीय था तथा यह महिलाओं के प्रति कार्य स्थल पर लैंगिक अपराध (Workplace Sexual Harassment) की श्रेणी में आता है। इसके अलावा विद्यालय जैसे संवेदनशील शैक्षणिक वातावरण में इस प्रकार का व्यवहार बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन के दृष्टिकोण से भी अत्यंत गंभीर माना गया है।
जांच में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रधान पाठक बीरबल यादव का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है। शासकीय सेवक होने के नाते उनसे जिस गरिमामय आचरण और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है, वह पूरी तरह भंग हुआ है।
अतः छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1)(क) के तहत जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रधान पाठक बीरबल यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Headmaster Suspension) किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बलरामपुर नियत किया गया है। नियमानुसार निलंबन अवधि में संबंधित अधिकारी को जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।
यह मामला शासकीय विद्यालयों में अनुशासन, बच्चों की सुरक्षा और कार्य स्थल पर महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर गंभीरता से रेखांकित करता है। प्रशासन की इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


