सीजी भास्कर, 20 मार्च। रायपुर शहर की सड़कों पर बढ़ते दबाव और लगातार जाम की स्थिति को देखते (Heavy Vehicle Ban Raipur) हुए पुलिस प्रशासन ने अब ट्रैफिक मैनेजमेंट का नया फॉर्मूला लागू कर दिया है। इस बार फैसला सीधा और असरदार है दिनभर भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों की एंट्री पर रोक।
नए आदेश के तहत रिंग रोड-01 और रिंग रोड-02 से शहर की ओर आने वाले प्रमुख रास्तों पर सुबह 5 बजे से लेकर रात 12 बजे तक बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और अगले एक महीने तक सख्ती से पालन कराया जाएगा।
इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण शहर के भीतर लगातार बढ़ती ट्रैफिक भीड़ और उससे होने वाली परेशानी बताई जा रही है। रोजाना पीक आवर्स में जाम की वजह से लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं इमरजेंसी सेवाओं पर भी असर पड़ रहा था। ऐसे में प्रशासन ने भारी वाहनों की टाइमिंग तय कर ट्रैफिक को संतुलित करने की कोशिश की है।
किन रास्तों पर रहेगा सबसे ज्यादा असर?
शहर के जिन हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा (Heavy Vehicle Ban Raipur) रहता है, वहां इस आदेश का सीधा असर देखने को मिलेगा। तेलीबांधा से लेकर पचपेड़ीनाका, संतोषीनगर से भाठागांव और टाटीबंध से गोंदवारा तक कई अहम चौक-चौराहों को इस दायरे में शामिल किया गया है।
इसके अलावा विधानसभा रोड, एक्सप्रेस-वे ब्रिज के नीचे का हिस्सा और रिंग रोड से जुड़ने वाले प्रमुख एंट्री पॉइंट भी इस प्रतिबंध के दायरे में आएंगे, जहां दिन के समय भारी गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रुकेगी।
ट्रांसपोर्टर्स के लिए क्या बदलेगा?
इस आदेश का सबसे बड़ा असर ट्रांसपोर्ट कारोबार पर पड़ने वाला है। अब शहर के अंदर सामान लाने-ले जाने के लिए रात का समय ही विकल्प बचेगा। ऐसे में कई ट्रांसपोर्टर अपनी टाइमिंग और रूट प्लानिंग में बदलाव करने की तैयारी में हैं।
हालांकि, जानकार मानते हैं कि शुरुआती दिनों में थोड़ी परेशानी जरूर होगी, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यवस्था शहर के ट्रैफिक को काफी हद तक आसान बना सकती है।
आम लोगों को कितना फायदा?
अगर यह नियम सही तरीके से लागू होता है, तो शहरवासियों को रोजाना लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिल (Heavy Vehicle Ban Raipur) सकती है। खासकर ऑफिस टाइम और स्कूल टाइम में सड़कों पर दबाव कम होने की उम्मीद है, जिससे यात्रा समय भी घटेगा।
प्रशासन ने क्या कहा?
प्रशासन की ओर से साफ कहा गया है कि यह फैसला पूरी तरह जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों से अपील की गई है कि वे तय समय का पालन करें और शहर में प्रवेश के लिए वैकल्पिक समय और मार्ग चुनें।


