रायगढ़ जिले में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। पुलिस प्रशासन ने Hello Sister Team का गठन किया है, जिसका उद्देश्य जरूरत पड़ने पर महिलाओं को तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है। इस विशेष टीम में महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है, जो 24 घंटे अलर्ट रहेंगी और सूचना मिलते ही पीड़ित तक पहुंचने का प्रयास करेंगी। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से महिलाओं को सुरक्षा और भरोसे का माहौल मिलेगा।
महिला दिवस पर की गई पहल की घोषणा
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले के पुलिस अधिकारियों ने इस नई पहल की घोषणा की। पुलिस प्रशासन का कहना है कि हाल के समय में महिलाओं और बच्चियों से जुड़े मामलों को देखते हुए यह Women Safety Initiative शुरू किया गया है। इसके तहत एक समर्पित टीम तैयार की गई है, जो जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई कर सकेगी और पीड़ित को सहायता उपलब्ध कराएगी।
डीएसपी के नेतृत्व में काम करेगी टीम
इस टीम का नेतृत्व डीएसपी उन्नति ठाकुर करेंगी। उनके साथ महिला थाना प्रभारी, एएसआई, महिला हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल और अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी इस टीम का हिस्सा होंगे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह Women Police Support सिस्टम महिलाओं को त्वरित सहायता देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
हेल्पलाइन नंबर रहेगा 24 घंटे सक्रिय
महिलाओं की सुविधा के लिए पुलिस ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। इस Women Helpline Number पर कॉल करते ही टीम सक्रिय हो जाएगी और पीड़ित महिला से संपर्क कर आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। शहरी क्षेत्रों में टीम सीधे मौके पर पहुंचेगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित थाना की मदद से कार्रवाई की जाएगी।
शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मिलेगी मदद
पुलिस का कहना है कि यह टीम जिले के हर क्षेत्र में सक्रिय रहेगी। शहर में सूचना मिलने पर टीम तुरंत मौके पर पहुंचेगी, जबकि दूरदराज के गांवों में स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर पीड़ित महिला या बच्ची तक सहायता पहुंचाई जाएगी। इस पहल से पुलिस और आम नागरिकों के बीच भरोसा मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस का संदेश—बिना झिझक लें मदद
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि महिलाओं और बच्चियों से जुड़े अपराधों को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में पीड़ित को बिना झिझक पुलिस से संपर्क करना चाहिए, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। इस नई व्यवस्था से उम्मीद है कि जिले में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।





