सीजी भास्कर, 06 अप्रैल। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े एक मामले में बड़ा और दूरगामी फैसला (High Court Property Verdict) सुनाया है। जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर आप कोई जमीन खरीद रहे हैं, तो उस पर चल रहे कानूनी विवादों और उसके पुराने रिकॉर्ड की गहराई से पड़ताल करना पूरी तरह खरीदार का कर्तव्य है। कोर्ट ने साफ कहा कि विवादित जमीन खरीदने वाले को अदालत में अलग से सुनवाई का कोई विशेष अधिकार नहीं मिलता।
क्या था मामला: 1.20 करोड़ का सौदा और कानूनी उलझन (High Court Property Verdict)
यह मामला रायपुर के ग्राम टेमरी का है। याचिकाकर्ता दीप्ति अग्रवाल ने नवंबर 2025 में बहुरलाल और यतिराम साहू से लगभग 0.376 हेक्टेयर जमीन 1 करोड़ 20 लाख रुपये में खरीदी थी। लेकिन पेच तब फंसा जब संजय कुमार नचरानी नाम के व्यक्ति ने इस पर अपना दावा ठोंक दिया। संजय का कहना था कि उन्होंने यह जमीन 1997 में ही खरीद ली थी, मगर तकनीकी त्रुटि के कारण पोर्टल पर पुराने मालिकों का नाम ही दिखता रहा।
कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: खरीदार को अलग से सुनने की जरूरत नहीं
जब यह विवाद राजस्व न्यायालय पहुंचा, तो खरीदार (दीप्ति अग्रवाल) ने हाईकोर्ट में याचिका लगाकर मांग की कि उन्हें भी इस केस में सुना जाए। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा:
चूंकि जमीन का सौदा उस वक्त हुआ जब मामला पहले से कोर्ट में लंबित (High Court Property Verdict) था, इसलिए खरीदार को अलग से पक्षकार बनाना जरूरी नहीं है।
खरीदार कानूनी तौर पर केवल अपने ‘विक्रेता’ के अधिकारों का उत्तराधिकारी होता है।
अगर विक्रेता केस हार जाता है, तो खरीदार का दावा अपने आप खत्म हो जाएगा।
ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट: खुद की जांच, खुद की जिम्मेदारी
अदालत ने ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट की धारा 55 का हवाला देते हुए खरीदारों को आईना दिखाया। कोर्ट ने कहा कि इतनी बड़ी रकम निवेश करने से पहले संपत्ति के दोषों और चल रहे मुकदमों की जानकारी खुद लेना खरीदार की जिम्मेदारी (High Court Property Verdict) थी। मुकदमेबाजी के दौरान निजी तौर पर किए गए सौदों से अदालत की शक्तियों को सीमित नहीं किया जा सकता।
इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि केवल ऑनलाइन पोर्टल पर नाम देख लेना काफी नहीं है; जमीन खरीदने से पहले तहसील और अदालती रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करना ही सुरक्षित निवेश की गारंटी है।


