Hinglaj Mata Sacred Water Bastar 2026 : Jagdalpur और बस्तर की पवित्र धरती एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। करीब तीन सदियों के लंबे अंतराल के बाद पहली बार पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित हिंगलाज माता धाम से पवित्र जल यहां पहुंचेगा। यह घटना न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि सांस्कृतिक एकता की भी मजबूत मिसाल मानी जा रही है।
पाकिस्तान के शक्तिपीठ से बस्तर तक पवित्र यात्रा
Hinglaj Mata Temple, जो प्राचीन शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, वहीं से यह पवित्र जल लाया जा रहा है। साथ ही Hingol River का जल भी इसमें शामिल होगा, जिसे विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है।
संत युधिष्ठिर लाल महाराज स्वयं लेकर आएंगे पावन जल
Raipur स्थित शदाणी दरबार के पीठाधीश्वर संत युधिष्ठिर लाल महाराज इस पवित्र जल को लेकर बस्तर पहुंचेंगे। वे हर वर्ष श्रद्धालुओं के साथ हिंगलाज माता के दर्शन के लिए यात्रा करते हैं और इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं।
बेड़ागांव का हिंगलाजिन मंदिर बनेगा आयोजन का केंद्र
यह पवित्र जल Bedagaon (सोनपुर पंचायत) स्थित प्राचीन हिंगलाजिन मंदिर में स्थापित किया जाएगा। मंदिर के अध्यक्ष एवं संरक्षक अजय सिंह बैस के विशेष आमंत्रण पर यह आयोजन संभव हो पाया है। यहां श्रद्धालुओं के लिए विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
300 साल बाद जुड़ रही परंपरा की टूटी कड़ी
इतिहास के पन्नों में दर्ज यह परंपरा लंबे समय से बाधित थी, लेकिन अब एक बार फिर इसे पुनर्जीवित किया जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि भारत और पाकिस्तान के सांस्कृतिक रिश्तों की झलक भी पेश करता है।
श्रद्धालुओं में उत्साह, तैयारियां तेज
इस अनोखे आयोजन को लेकर बस्तर सहित आसपास के क्षेत्रों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं, ताकि इस ऐतिहासिक अवसर को भव्य रूप दिया जा सके।


