सीजी भास्कर 2 मार्च Holi Safety Crackdown: कांकेर के प्रमुख बाजारों में होली से पहले चहल-पहल साफ दिख रही है। रंग-गुलाल, अबीर, हर्बल कलर और तरह-तरह की पिचकारियों की अस्थायी दुकानें सज चुकी हैं। सुबह से देर रात तक खरीदारों की आवाजाही बनी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार सुरक्षित विकल्पों की मांग बढ़ी है, खासकर (Public Safety Festival) के संदेश के साथ हर्बल रंगों की बिक्री तेज है। यह रौनक Kanker के हर मोहल्ले तक फैलती दिख रही है।
बच्चों को लुभा रहीं नई डिजाइन की पिचकारियां
पारंपरिक पिचकारियों के साथ हथौड़ी, तलवार, आर्मी-गन और टैंक-शेप डिजाइन वाले मॉडल्स बच्चों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। कार्टून थीम और हल्के वज़न की पिचकारियां ज्यादा बिक रही हैं। महिलाएं पूजन सामग्री और रंगों की खरीद में जुटी हैं, वहीं युवा वर्ग त्वचा-सुरक्षित रंग चुन रहा है—यानी त्योहार की तैयारी में सजगता भी साथ-साथ चल रही है।
जांजगीर में डरावने मुखौटों पर पुलिस की कार्रवाई
जांजगीर-चांपा में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। दुकानों की जांच के दौरान लगभग 300 डरावने और भ्रामक मुखौटे जब्त किए गए। पुलिस का मानना है कि ऐसे मुखौटों का इस्तेमाल पहचान छिपाकर हुड़दंग या विवाद खड़ा करने में हो सकता है, इसलिए एहतियातन कार्रवाई की गई। यह कदम (Janjgir Mask Seizure) के तौर पर चर्चा में है और Janjgir-Champa में व्यापारियों को सख्त संदेश देता है।
व्यापारियों को चेतावनी, नियमों का पालन जरूरी
अधिकारियों ने साफ किया कि त्योहार के दौरान सुरक्षा से समझौता नहीं होगा। बिना अनुमति डरावने मुखौटे या भ्रामक सामग्री बेचने पर कार्रवाई तय है। पुलिस की अपील है कि दुकानदार नियमों का पालन करें और नागरिक भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें। यह एडवाइजरी (Police Advisory Holi) के रूप में जारी की गई है, ताकि उत्सव का रंग बदनामी में न बदले।
उत्सव की खुशी, सुरक्षा के साथ
होली का जश्न तभी खूबसूरत लगता है जब माहौल सौहार्दपूर्ण रहे। प्रशासन की सख्ती और बाजार की सजगता—दोनों मिलकर त्योहार को सुरक्षित बनाने की कोशिश कर रहे हैं। रंगों की बहार के बीच यह संदेश अहम है कि जिम्मेदारी के साथ मनाई गई होली ही असली खुशी देती है।






