दुर्ग जिले में Holika Dahan Durg Bhilai के तहत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होलिका दहन का आयोजन किया गया। सूर्यास्त के बाद श्रद्धालु बड़ी संख्या में निर्धारित स्थलों पर पहुंचे, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्ज्वलित होते ही माहौल भक्तिमय हो उठा।
कॉलोनियों और मोहल्लों में सामूहिक आयोजन
गणपति विहार कॉलोनी में लोगों ने एकत्र होकर सामूहिक रूप से होलिका दहन किया। दीप जलाकर परिक्रमा की गई और पारंपरिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसी तरह भिलाई के खुर्सीपार, रामनगर, वैशाली नगर और वृंदानगर क्षेत्रों में भी लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने (Bhilai Holi Festival) का आनंद लिया।
तिथि अनुसार दो दिन निभाई जा रही परंपरा
इस वर्ष पंचांग की गणना के अनुसार कई स्थानों पर दो दिन होलिका दहन की परंपरा निभाई जा रही है। सोमवार रात के बाद मंगलवार को भी अलग-अलग स्थानों पर अग्नि प्रज्ज्वलन किया जाएगा। लोगों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक गीत गाए और (Holi Celebration 2026) की शुरुआत उल्लास के साथ की।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण आयोजन
त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया और प्रमुख चौक-चौराहों पर निगरानी बढ़ाई गई। फ्लैग मार्च निकालकर शांति व्यवस्था का संदेश दिया गया। प्रशासनिक सतर्कता के बीच लोगों ने (Durg News) में दर्ज इस आयोजन को उत्साहपूर्वक मनाया।
रंगों के पर्व की औपचारिक शुरुआत
होलिका दहन के साथ ही रंगों के त्योहार की औपचारिक शुरुआत हो गई है। आज शहर और आसपास के क्षेत्रों में रंग-गुलाल के साथ होली खेली जाएगी। बाजारों में भी खरीदारी की रौनक देखने को मिली। पारंपरिक आस्था और सामाजिक समरसता का यह संगम Holika Dahan Durg Bhilai को विशेष बना गया।





