सीजी भास्कर, 04 मई। नवा रायपुर के इंद्रावती भवन स्थित सेमिनार कक्ष में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP Meeting) को लेकर राज्य स्तरीय उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। परिवहन सचिव एवं आयुक्त एस. प्रकाश और अपर परिवहन आयुक्त डी रविशंकर की अध्यक्षता में हुई।
इस बैठक में प्रदेश के सभी जिला परिवहन अधिकारियों (RTOs) और एचएसआरपी के लिए नियुक्त अनुबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनता को हो रही परेशानियों के समाधान के साथ-साथ निर्धारित समय सीमा में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का फिटमेंट सुनिश्चित करना था।
बैठक (HSRP Meeting) में बताया गया कि राज्य में 1 अप्रैल 2019 से पहले के लगभग 50 लाख वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक केवल 3 लाख वाहन मालिकों ने ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए ऑर्डर दिए हैं। इस धीमी प्रगति को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों में एचएसआरपी फिटमेंट को तेज करने के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है।
प्रत्येक जिले में वाहनों की संख्या के आधार पर मोबाइल कैम्प टीमें बनाई जा रही हैं। रायपुर में 5, बिलासपुर में 6, दुर्ग में 8, कोरबा में 5, रायगढ़ में 6, जशपुर में 3 और बस्तर संभाग के जिलों में 2-3 कैम्प टीमें तैनात की जाएंगी। ये टीमें विभिन्न स्थानों पर जाकर ऑन-स्पॉट ऑर्डर लेंगी और तय समयसीमा में नंबर प्लेट का इंस्टालेशन करेंगी।
हर जिले में नियुक्त किए जाएंगे नोडल अधिकारी (HSRP Meeting)
बैठक में अनुबंधित कंपनियों को यह भी निर्देश दिया गया कि हर जिले में वाहनों की संख्या के अनुसार HSRP बनाने वाली मशीनों की संख्या में वृद्धि करें, ताकि ऑर्डर की पूर्ति तेजी से की जा सके। यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी वाहन मालिक को 15 दिनों से अधिक इंतजार न करना पड़े।
साथ ही, प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर उनके मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि आमजन आसानी से संपर्क कर सकें। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आगामी तीन महीनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की 100% फिटमेंट कर दी जाए, ताकि जनता को ट्रैफिक चालान से राहत मिले और सुरक्षा मानकों का पालन हो सके।