सीजी भास्कर, 23 अप्रैल : अंबिकापुर जिले में खुद को मानव अधिकार संगठन (Human Rights Extortion Gang) का सदस्य बताकर ग्रामीणों को डराकर उगाही करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सीतापुर पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से एक महिला सहित छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जो किराए की इनोवा कार में घूम-घूमकर लोगों को धमकाकर पैसे वसूल रहे थे। इस कार्रवाई से इलाके में लंबे समय से सक्रिय ठगी के इस नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पकड़े गए आरोपियों में श्यामलाल सारथी, रामाकांत मिंज, अनुज भगत, आकाश केरकेट्टा, अबित खेस और एक महिला आरोपी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपित (Human Rights Extortion Gang) मंगलवार दोपहर इनोवा वाहन में सवार होकर सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम नकना पहुंचे। यहां उन्होंने सुरेंद्र कुमार के घर में घुसकर खुद को मानव अधिकार संगठन का सदस्य बताते हुए शराब बनाने का आरोप लगाया। भय का माहौल बनाकर घर की तलाशी ली गई और केस में फंसाने की धमकी देते हुए 20 हजार रुपये की मांग की गई। दबाव में आकर पीड़ित ने 4000 रुपये दे दिए।
इसके बाद गिरोह (Human Rights Extortion Gang) के सदस्य गांव के दूसरे मोहल्ले में पहुंचे और बिंदु महंत के घर में बिना अनुमति घुसकर तलाशी शुरू कर दी। घर में रखी दवाइयों को देखकर अवैध क्लीनिक चलाने का आरोप लगाया गया और एक लाख रुपये की मांग की गई। लगातार दबाव बनाने पर आरोपितों ने वहां से भी 1000 रुपये वसूल लिए।
घटना के दौरान ही सुरेंद्र ने गांव के सरपंच को फोन कर सूचना दी। सरपंच और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आरोपितों को घेर लिया। पूछताछ में उनके जवाब संदिग्ध लगे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम सभी आरोपितों को थाने लेकर आई, जहां सख्ती से पूछताछ करने पर पूरा मामला उजागर हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह संगठित तरीके से सरगुजा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में घूम-घूमकर लोगों को डरा-धमकाकर उगाही करता था। इसके लिए वे खुद को मानव अधिकार संगठन का पदाधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। गिरोह ने इनोवा वाहन किराए पर लिया था और अलग-अलग स्थानों पर ठहरकर वारदात को अंजाम देता था।
पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि इससे पहले भी वे बतौली क्षेत्र के देवरी गांव और लुंड्रा थाना क्षेत्र में इसी तरह लोगों को धमकाकर पैसे वसूल चुके हैं। 21 अप्रैल को ही नकना गांव में दो घरों से कुल 5000 रुपये वसूले गए थे, जिसे आपस में बांट लिया गया था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 5000 रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त इनोवा वाहन जब्त कर लिया है।
पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है। साथ ही गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी सीतापुर और पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही।


