सीजी भास्कर, 21 मार्च। छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच चिरमिरी पुलिस को बड़ी सफलता (Hyderabad Drug Supply Racket) मिली है। एक ऐसे अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जो तकनीक और चालाकी के सहारे लंबे समय से नशीले इंजेक्शनों का कारोबार चला रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क को तोड़ दिया है।
हैदराबाद से सरगुजा तक फैला था ‘साइलेंट नेटवर्क’
जांच में सामने आया कि यह गिरोह दक्षिण भारत से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ तक सक्रिय था। हैदराबाद से नशीले इंजेक्शन सप्लाई कर सरगुजा संभाग के अलग-अलग इलाकों में खपाए जा रहे थे।
पुलिस ने सबसे पहले मुख्य आरोपी रसल एक्का को रायपुर (Hyderabad Drug Supply Racket) से दबोचा। पूछताछ में उसके खुलासों ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हैदराबाद और सूरजपुर से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
“कैश नहीं, ATM से चलता था खेल” – चौंकाने वाला खुलासा
इस गिरोह की सबसे बड़ी खासियत इसका फाइनेंशियल ऑपरेशन था। आमतौर पर नकदी के जरिए होने वाले अवैध कारोबार से अलग, यह नेटवर्क डिजिटल ट्रांजेक्शन और ATM के जरिए पैसे का लेन-देन करता था।
नशीले इंजेक्शनों की बिक्री से मिली रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ATM से निकाला जाता था, जिससे पैसों की ट्रैकिंग मुश्किल हो जाए। इस तरीके ने लंबे समय तक गिरोह को पुलिस की नजरों से बचाए रखा।
एक गिरफ्तारी से खुला पूरा सिंडिकेट
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी इस केस का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। उसके बयान के आधार पर पुलिस (Hyderabad Drug Supply Racket) ने नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुंच बनाई। गिरफ्तार आरोपियों में हैदराबाद से जुड़े सप्लायर और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले एजेंट शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क और भी बड़े स्तर पर फैला हो सकता है, जिसकी जांच जारी है।


