सीजी भास्कर, 10 फरवरी। राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक जी. बालाजी राव सोमावार ने 10 फरवरी को कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र का दौरा कर सामुदायिक पुलिसिंग के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण (IG Balaji Rao visit) किया। इस दौरान वे थाना कुकदूर क्षेत्र के ग्राम देवान पटपर पहुंचे, जहां पुलिस और स्थानीय आदिवासी समुदाय के बीच विश्वास-आधारित प्रयासों को नजदीक से देखा।
ग्राम आगमन पर बैगा आदिवासी समाज के ग्रामीणों और बच्चों ने पारंपरिक नृत्य के माध्यम से पुलिस महानिरीक्षक का आत्मीय स्वागत किया। यह दृश्य पुलिस और आदिवासी समुदाय के बीच आपसी सम्मान, संवाद और सौहार्द का सशक्त प्रतीक बना।
निरीक्षण के दौरान IG सोमावार ने स्कूली बच्चों को कॉपियां, किताबें, पेन-पेंसिल और रंग सामग्री सहित शैक्षणिक सामग्री वितरित (IG Balaji Rao visit) की। बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने शिक्षा को जीवन में बदलाव का सबसे मजबूत माध्यम बताया और नियमित अध्ययन, अनुशासन व आत्मविश्वास पर विशेष जोर दिया।
पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग से जुड़कर विश्वास कायम करना भी उसका अहम दायित्व है। वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना दीर्घकालिक सामाजिक परिवर्तन की नींव रखता है।
उन्होंने कबीरधाम पुलिस द्वारा किए जा रहे सामुदायिक प्रयासों की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाएगा, वहीं लापरवाही या गैरजिम्मेदाराना रवैये पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
भ्रमण के दौरान IG सोमावार ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति और सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम जैसे मुद्दों (IG Balaji Rao visit) पर चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से वनांचल क्षेत्रों के समग्र विकास को लगातार गति दी जाएगी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कबीरधाम धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि जिले में सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत शिक्षा प्रोत्साहन, नशामुक्ति अभियान, बाल विवाह रोकथाम और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा रही है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अमित पटेल, एसडीओपी पंडरिया भूपत सिंह, थाना कुकदूर प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
यह भ्रमण न केवल प्रशासनिक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक रूप से भी महत्वपूर्ण रहा, जिससे पुलिस और आदिवासी समुदाय के बीच सहयोग, सहभागिता और विश्वास का रिश्ता और अधिक मजबूत हुआ।




