सीजी भास्कर, 30 दिसंबर। देश की राजधानी दिल्ली जल्द ही लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट सेक्टर में एक बड़ा केंद्र बनने जा रही है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport Cargo City) पर देश की पहली अत्याधुनिक कार्गो सिटी विकसित की जा रही है, जिससे भारत के निर्यात, आयात और सप्लाई चेन सिस्टम को नई मजबूती मिलेगी। यह परियोजना भारत को ग्लोबल लॉजिस्टिक्स मैप पर और मजबूत स्थिति में लाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
IGI एयरपोर्ट पर प्रस्तावित यह कार्गो सिटी (IGI Airport Cargo City) विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की तर्ज पर विकसित की जा रही है, जहां एयर कार्गो, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, कस्टम क्लियरेंस, लॉजिस्टिक्स और वैल्यू एडिशन से जुड़ी तमाम सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे कारोबारियों को तेज, सुरक्षित और किफायती सेवाएं मिल सकेंगी।
निर्यात-आयात को मिलेगा बड़ा लाभ
इस परियोजना के शुरू होने से दिल्ली और आसपास के राज्यों से होने वाले निर्यात और आयात में तेजी आने की उम्मीद है। कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स और ई-कॉमर्स सेक्टर को IGI Airport Cargo City से सीधा लाभ मिलेगा। खास तौर पर कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से फल-सब्जी और दवाइयों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार के नए अवसर
कार्गो सिटी के निर्माण और संचालन से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउसिंग, सुरक्षा, आईटी और मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि IGI Airport Cargo City दिल्ली-एनसीआर की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
भारत को मिलेगा ग्लोबल लॉजिस्टिक्स में फायदा
सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूती देगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए तेज कार्गो मूवमेंट बेहद जरूरी है और IGI Airport Cargo City इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट न सिर्फ यात्री सेवाओं में बल्कि कार्गो हैंडलिंग क्षमता में भी देश के प्रमुख हवाई अड्डों में शीर्ष स्थान पर आ जाएगा। इससे भारत की वैश्विक व्यापारिक छवि और मजबूत होगी।





