सीजी भास्कर, 30 जनवरी | Illegal Money Lending Durg : दुर्ग जिले में सूदखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पदमनाभपुर थाना पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति की हालत का फायदा उठाकर कर्ज को दबाव और डर का हथियार बना दिया। मामला तब सामने आया जब पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 1 लाख 60 हजार रुपये के कर्ज के बदले उससे 22 लाख रुपये की वसूली की जा रही थी।
बीमारी के समय लिया गया कर्ज बना आफत
पीड़ित के अनुसार, खराब स्वास्थ्य और इलाज के खर्च के चलते उसे तत्काल पैसों की जरूरत थी। इसी दौरान उसने आरोपी हरीश पारख से 1.60 लाख रुपये उधार लिए। शुरुआत में 10 प्रतिशत ब्याज तय किया गया, लेकिन भुगतान में देरी होते ही आरोपी ने रकम दोगुनी करने की धमकी देना शुरू कर दिया। यहीं से मामला सामान्य लेन-देन से निकलकर अवैध वसूली में बदल गया।
भुगतान के बाद भी नहीं थमी लालच
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसने मूल राशि और ब्याज मिलाकर करीब 3.20 लाख रुपये पहले ही चुका दिए थे। इसके बावजूद आरोपी की मांगें लगातार बढ़ती रहीं। दबाव बनाते हुए आरोपी ने बैंक के 11 खाली चेकों पर हस्ताक्षर करवा लिए और उन्हीं चेकों के आधार पर 22 लाख रुपये की अवैध मांग करने लगा। इस पूरे घटनाक्रम ने पीड़ित को मानसिक रूप से तोड़ दिया।
धमकी और मानसिक प्रताड़ना से टूटा पीड़ित
लगातार धमकियों, डर और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आखिरकार पीड़ित ने पदमनाभपुर थाने का रुख किया। शिकायत में उसने बताया कि आरोपी बार-बार कानूनी कार्रवाई और चेक बाउंस के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रहा था, जिससे उसकी स्थिति और बिगड़ती जा रही थी।
पूछताछ में कबूला पूरा खेल
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 1.60 लाख रुपये उधार दिए थे और 11 खाली चेकों के सहारे 22 लाख रुपये वसूलने की योजना बनाई थी। यह स्वीकारोक्ति जांच के लिए अहम सबूत बनी।
चेक, इकरारनामा और दस्तावेज जब्त
पुलिस ने आरोपी के पास से 11 चेक, इकरारनामा और साहूकारी से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि सूदखोरी के ऐसे मामलों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




