सीजी भास्कर, 2 दिसंबर। महासमुंद जिले में अवैध धान भंडारण (Illegal Paddy Storage Action Sarayapali) और व्यापार पर जिला प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कस दिया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध सतत अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 01 जनवरी 2026 को सरायपाली तहसील में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसमें 27,200 बोरे धान मौके पर ही जब्त किए गए।
यह कार्रवाई एसडीएम सरायपाली अनुपमा आनंद के नेतृत्व में की गई, जिसमें राजस्व विभाग, खाद्य विभाग एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही। संयुक्त टीम ने तहसील सरायपाली अंतर्गत स्थित समलेश्वरी इंडस्ट्रीज एवं हिंदुस्तान एग्रोटेक का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भंडारण स्थलों में उपलब्ध धान की वास्तविक मात्रा एवं उससे संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की गई।
जांच में पाया गया कि भंडारण स्थल (Illegal Paddy Storage Action Sarayapali) पर उपलब्ध धान की मात्रा और प्रस्तुत दस्तावेजों में भारी अंतर है। इसके साथ ही मंडी अधिनियम एवं निर्धारित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन भी सामने आया। अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 27,200 बोरे धान को जब्त कर लिया। यह जब्ती मंडी अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई है।
प्रशासन द्वारा जब्त किए गए धान को नियमानुसार सुरक्षित अभिरक्षा में रखते हुए आगे की वैधानिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के आधार पर संबंधित व्यापारियों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
जिला प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जिले में अवैध धान भंडारण, परिवहन एवं व्यापार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार धान उपार्जन व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए निगरानी और सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सरायपाली तहसील में समलेश्वरी इंडस्ट्रीज और हिंदुस्तान एग्रोटेक के भंडारण स्थलों पर संयुक्त टीम की छापेमारी में मंडी अधिनियम के उल्लंघन का मामला सामने आया। जांच के दौरान दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर प्रशासन ने 27,200 बोरे धान जब्त किए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान भंडारण और व्यापार पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


