छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सख्त प्रतिबंध के बावजूद अरपा नदी में अवैध रेत उत्खनन थमता नजर नहीं आ रहा है। शहर से सटे नेशनल हाईवे-130 के आसपास सेंदरी, घुटकू, लोखंडी, मंगला, छठघाट, दो मुहानी और ढेका घाटों पर रात ढलते ही मशीनें और ट्रैक्टर सक्रिय हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे का फायदा उठाकर हर रात रेत निकाली जा रही है—यह सिलसिला (Illegal Sand Mining in Arpa River) को रोज़ का खेल बना चुका है।
ड्रोन फुटेज में दर्जनों ट्रैक्टर नदी के बीच
रविवार देर रात करीब 3 बजे ड्रोन कैमरे से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में नदी के बीच एक साथ कई ट्रैक्टर रेत लोड करते नजर आए। सेंदरी घाट पर कम से कम नौ ट्रैक्टर कतार में खड़े दिखे, वहीं घुटकू घाट पर भी खनन बेरोकटोक जारी रहा। तस्वीरें साफ इशारा कर रही हैं कि (Illegal Sand Mining in Arpa River) अब छिपकर नहीं, बल्कि खुलेआम चल रहा है।
रास्तों पर रोड़े-रेत के ढेर, बाहरी निगरानी से बचने की तैयारी
घाटों तक पहुंचने वाले कच्चे रास्तों पर जगह-जगह रोड़े और रेत के ढेर लगाए गए हैं, ताकि बाहरी लोगों की आवाजाही मुश्किल हो सके। ग्रामीणों के मुताबिक, यह इंतजाम जानबूझकर किया गया है, जिससे निगरानी दल या मीडिया की नजर वहां तक न पहुंचे। रातभर ट्रकों और ट्रैक्टरों की आवाजाही होती रही, लेकिन मौके पर कोई रोक-टोक नहीं दिखी—यही वजह है कि (Illegal Sand Mining in Arpa River) का नेटवर्क मजबूत होता जा रहा है।
कार्रवाई के दावे, जमीन पर सन्नाटा
प्रशासन की ओर से खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम के सक्रिय रहने के दावे किए जाते हैं, मगर मौके की तस्वीर कुछ और ही कहानी कहती है। ड्रोन फुटेज और स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरी रात न तो जांच टीम दिखी और न ही परिवहन रोकने की कोई कोशिश। यह लापरवाही (Illegal Sand Mining in Arpa River) के खिलाफ कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पहले कुचलने की कोशिश, अब भी बेखौफ रेत माफिया
यह वही इलाका है जहां हाल ही में रेत माफिया ने एक नायब तहसीलदार को वाहन से कुचलने की कोशिश की थी। बावजूद इसके, खनन का खेल बदस्तूर जारी है। लोगों का कहना है कि डर के माहौल के बीच शिकायत करना भी जोखिम भरा हो गया है। ऐसे में (Illegal Sand Mining in Arpa River) सिर्फ पर्यावरण का नहीं, कानून-व्यवस्था का भी बड़ा मुद्दा बन चुका है।
जिम्मेदार अफसरों की चुप्पी पर सवाल
पूरे मामले में खनिज विभाग के उप संचालक K. K. Golghate से पक्ष जानने के लिए कॉल और मैसेज किए गए, लेकिन देर शाम तक कोई जवाब नहीं मिला। अफसरों की यह चुप्पी भी (Illegal Sand Mining in Arpa River) को लेकर संदेह बढ़ा रही है। स्थानीय नागरिक संगठनों ने मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई हो।






