सीजी भास्कर, 29 जनवरी | Illegal Teak Smuggling : दंतेवाड़ा जिले में बेशकीमती सागौन लकड़ी की अवैध तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने निर्णायक कदम उठाया है। दंतेवाड़ा वन परिक्षेत्र अंतर्गत तस्करों के दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश देकर भारी मात्रा में सागौन चिरान बरामद किया गया।
गुप्त सूचना से खुला तस्करी का जाल
वन विभाग को गढ़मिरी क्षेत्र में सागौन लकड़ी छिपाकर रखे जाने की पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
दो ठिकानों से 175 नग सागौन चिरान जब्त
टीम ने गढ़मिरी निवासी कोसा और भीमा के अलग-अलग ठिकानों पर अचानक छापा मारा। तलाशी के दौरान कुल 175 नग सागौन चिरान बरामद किया गया, जिसकी कुल मात्रा लगभग 3.351 घन मीटर आंकी गई है।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई पूरी कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई, ताकि किसी भी तरह की कानूनी चूक न रहे।
वन विभाग का सख्त संदेश—तस्करों पर नहीं होगी नरमी
वन विभाग के अनुसार, कीमती लकड़ियों की अवैध कटाई और तस्करी से जंगलों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे मामलों में आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
दो तस्करों पर दर्ज हुआ वन अपराध प्रकरण
इस पूरे मामले में आरोपियों कोसा और भीमा के खिलाफ काष्ठ चिरान अधिनियम 1984 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है। विभागीय स्तर पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।




