सीजी भास्कर, 1 नवम्बर। वन विभाग (Illegal Wood Seizure Chhattisgarh) ने प्रतिबंधित प्रजातियों की लकड़ियों (Illegal Timber) के अवैध चिरान पर बड़ी कार्रवाई की है। वन परिक्षेत्र अधिकारी बलौदाबाजार बसंत कुमार खांडेकर (Forest Officer Basant Khandekar) के नेतृत्व में टीम ने संडी स्थित चंद्रिका वर्मा सॉ मिल में छापामार कार्यवाही की। प्राप्त गुप्त सूचना (Secret Tip-Off) के आधार पर की गई इस कार्रवाई में प्रतिबंधित श्रेणी की लकड़ियाँ—साजा, मुढ़ी और बबूल प्रजाति (Prohibited Timber Species)—बड़ी मात्रा में बरामद की गईं। जांच में पुष्टि हुई कि सॉ मिल में इन लकड़ियों का अवैध चिरान किया जा रहा था।
भारतीय काष्ठ चिरान अधिनियम के तहत मामला दर्ज
वन विभाग ने इस कार्रवाई के बाद भारतीय काष्ठ चिरान अधिनियम, 1984 (Indian Timber Sawing Act, 1984) के तहत प्रकरण क्रमांक 1968/17 दिनांक 30/10/2025 दर्ज किया है। आरोपित सॉ मिल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। विभाग ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य वन संसाधनों के अवैध दोहन (Illegal Wood Seizure Chhattisgarh) को रोकना और पर्यावरणीय संतुलन की रक्षा करना है।
वन विभाग की टीम ने दिखाई सतर्कता
कार्रवाई में वनपाल उमाशंकर कैवर्त, वनरक्षक रजनीश वर्मा, दिलेश्वर कंवर, मनबोधन टंडन, विजय ध्रुव, पाटले, तथा वनकर्मी रितेश साहू, सूरज और किशोर की सक्रिय भूमिका (Illegal Wood Seizure Chhattisgarh) रही। टीम ने सॉ मिल परिसर की तलाशी के दौरान लकड़ियों के सैंपल एकत्र किए और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेराबंदी में लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बरामद लकड़ियों की मात्रा और स्रोत की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच जारी है। विभाग यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि प्रतिबंधित लकड़ियाँ कहां से लाई गईं और किस उद्देश्य से इनका चिरान किया जा रहा था। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे अवैध कार्यों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


