सीजी भास्कर 16 जनवरी India AI Factory Rise: भारत अब सिर्फ आईटी सर्विस देने वाला देश नहीं रहा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल में भी तेज़ी से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। हालिया डेटा बताता है कि क्लाउड-आधारित एआई टूल्स के इस्तेमाल में भारत ने ऐसा उछाल दिखाया है, जिसने दुनिया का ध्यान खींच लिया है। यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि सालों की डिजिटल तैयारी का नतीजा माना जा रहा है।
India AI Factory Rise और रिकॉर्ड यूजर बेस
जनरेटिव एआई प्लेटफॉर्म Claude AI के इस्तेमाल में भारत ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। कुल वैश्विक उपयोग के मामले में भारत अब केवल अमेरिका से पीछे है, जबकि कई विकसित देश इस रेस में पीछे छूटते दिख रहे हैं। यह संकेत है कि भारतीय यूजर्स एआई को सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के काम का टूल बना चुके हैं (Global AI Usage Shift)।
India AI Factory Rise में डेवलपर्स की अहम भूमिका
भारत में Claude AI का सबसे बड़ा इस्तेमाल सॉफ्टवेयर और वेब डेवलपमेंट से जुड़ा है। कुल उपयोग का बड़ा हिस्सा कोडिंग, डिबगिंग और लॉजिक बिल्डिंग जैसे तकनीकी कामों में दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि वेब एप्लिकेशन डेवलपमेंट, UI स्टाइलिंग और फ्रंट-एंड टास्क में भारतीय डेवलपर्स की निर्भरता ग्लोबल औसत से कहीं ज्यादा नजर आ रही है।
India AI Factory Rise और वेब टेक्नोलॉजी का दबदबा
डेटा से यह भी सामने आया है कि भारत में CSS, HTML और UI डिज़ाइन जैसे कामों के लिए Claude AI का उपयोग वैश्विक स्तर से लगभग दोगुना है। वेब एप्लिकेशन को बनाने और सुधारने के लिए भारतीय यूजर्स का भरोसा इस एआई पर लगातार बढ़ रहा है, जो देश को (AI Powered Development Hub) की दिशा में ले जाता दिख रहा है।
सिर्फ कोडिंग ही नहीं, भारत में चैटबॉट डेवलपमेंट, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन और डेटा इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भी एआई का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ा है। इन क्षेत्रों में भारतीय यूजर्स की भागीदारी ग्लोबल एवरेज से काफी ऊपर दर्ज की गई है, जो एंटरप्राइज-लेवल एआई अपनाने की ओर इशारा करती है।
India AI Factory Rise का करियर कनेक्शन
भारत में एआई को करियर ग्रोथ के साधन के तौर पर भी अपनाया जा रहा है। नौकरी की तैयारी, स्किल अपग्रेडेशन, STEM एजुकेशन और स्टार्टअप प्लानिंग जैसे कामों में Claude AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। यह दिखाता है कि एआई अब केवल टेक्निकल टूल नहीं, बल्कि प्रोफेशनल फैसलों का हिस्सा बन चुका है (AI for Career Growth)।
हालांकि कुल उपयोग में भारत शीर्ष देशों में शामिल है, लेकिन आबादी के अनुपात में एआई का इस्तेमाल अभी भी अपेक्षाकृत कम है। वर्किंग-एज पॉपुलेशन के मुकाबले उपयोग की तीव्रता यह संकेत देती है कि आगे भी बड़े स्तर पर विस्तार की गुंजाइश बनी हुई है।
India AI Factory Rise का अगला पड़ाव
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर एआई स्किल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सही दिशा मिली, तो भारत सिर्फ एआई यूजर नहीं बल्कि एआई प्रोडक्शन सेंटर बन सकता है। सवाल अब यह नहीं कि भारत एआई अपनाएगा या नहीं, बल्कि यह है कि वह इसे किस रफ्तार से आगे ले जाएगा।


