सीजी भास्कर 1 फरवरी केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे समय की जरूरत से जुड़ा दस्तावेज बताया। उनका कहना है कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि उन सपनों का खाका है जिन्हें आज का भारत जी रहा है। पीएम के शब्दों में, देश इस वक्त India Reform Express Budget की रफ्तार पर आगे बढ़ रहा है।
विकसित भारत 2047 की नींव
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करता है। सुधारों को नई ऊर्जा मिलने से युवाओं के लिए अवसरों के दरवाजे खुलेंगे और नवाचार को खुला आकाश मिलेगा। इसे उन्होंने Vision 2047 Growth Plan की ठोस शुरुआत बताया।
युवाओं और टैलेंट पर केंद्रित सोच
पीएम मोदी के अनुसार, साहसी और हुनरमंद युवा इस बजट की धुरी हैं। शिक्षा, कौशल और उद्यमिता को जोड़कर ऐसा ढांचा बनाया गया है, जिससे नई पीढ़ी को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने का मंच मिले।
राज्यों से भी मिला समर्थन
बजट पर राज्यों की सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे विकसित भारत के निर्माण का प्रेरक संकल्प पत्र बताया। उनके अनुसार यह दस्तावेज युवाओं को अवसर, किसानों को सुरक्षा, उद्यमियों को प्रोत्साहन और मध्यम वर्ग को राहत देने की दिशा में संतुलित कदम है।
निवेश और सुधारों का रोडमैप
वित्त मंत्री द्वारा पेश बजट में बुनियादी ढांचे और विनिर्माण पर विशेष फोकस रखा गया है। पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही सुधारों के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाने की घोषणा भी की गई।
MSME और उद्योगों को नई ताकत
छोटे और मध्यम उद्योगों को भविष्य की रीढ़ मानते हुए 10,000 करोड़ रुपये के MSME Growth Fund का प्रस्ताव सामने आया है। उद्देश्य स्पष्ट है—उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाना और देश के भीतर नए चैंपियन तैयार करना।
भरोसे से भरा संदेश
कुल मिलाकर यह बजट नीति, निवेश और नवाचार के संतुलन के साथ आगे बढ़ने की कहानी कहता है। सरकार का संदेश साफ है—आज का भारत सुधारों की पटरी पर दौड़ रही उस एक्सप्रेस में है, जो भविष्य को वर्तमान से जोड़ रही है।




