देशभर के कई एयरपोर्ट्स पर पिछले कुछ दिनों में यात्रियों को जिस भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा, उसने Indigo Crisis को राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया है। उड़ानें लगातार रद्द होने से लोग घंटों फंसे रहे, वहीं कई यात्रियों को रातें भी हवाई अड्डों पर गुजारनी पड़ी। इसी पृष्ठभूमि में अब संसदीय समिति ने इस पूरे घटनाक्रम की गंभीर समीक्षा शुरू कर दी है।
समिति ने सभी एयरलाइंस और DGCA को बुलाने का फैसला किया
परिवहन, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मामलों पर बनी समिति ने स्पष्ट कहा है कि स्थिति सामान्य नहीं है और इसकी तह तक जाना ज़रूरी है। समिति ने निर्णय लिया है कि वह इंडिगो के साथ-साथ अन्य एयरलाइंस, DGCA और विमानन मंत्रालय (Aviation Oversight) के वरिष्ठ अधिकारियों को भी तलब करेगी। उद्देश्य यह है कि उड़ानें रद्द होने के कारण, आंतरिक व्यवधान और प्रशासनिक चूक पर सीधे जवाब मिल सकें।
Indigo Crisis’: रद्द उड़ानों के कारण, किराए में उछाल और यात्रियों की शिकायतें भी चर्चा में
सूत्र बताते हैं कि बैठक में यह भी पूछा जाएगा कि इतने बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन की असली वजह क्या थी। कई यात्रियों ने बताया कि रद्दीकरण के दौरान टिकटों के किराए में अचानक बढ़ोतरी (Fare Surge Issue) देखी गई, जिसे लेकर कड़ी नाराजगी जताई गई। समिति इन शिकायतों को गंभीरता से उठाने और सिस्टम में पारदर्शिता लाने की तैयारी कर रही है।
सांसदों का भी सफर प्रभावित, जांच की मांग हुई तेज
कई सांसद खुद भी उड़ान रद्द होने से प्रभावित हुए, जिसकी वजह से मामला और संवेदनशील हो गया। कुछ जनप्रतिनिधियों ने यह मुद्दा बैठक में उठाया और कड़े कदमों की मांग की। विमानन निगरानी तंत्र में सुधार की दिशा में यह बैठक अहम मानी जा रही है।
Indigo Crisis’: एयरलाइन का दावा—नेटवर्क 95% तक पटरी पर लौट आया
लगातार छह दिनों की अव्यवस्था के बाद इंडिगो ने कहा है कि उसका संचालन अब लगभग सामान्य हो चुका है। एयरलाइन के अनुसार शनिवार को 138 में से 135 गंतव्यों के लिए उड़ानें चलाई गईं और दिन के अंत तक लगभग 1500 फ्लाइट्स ऑपरेट करने का लक्ष्य रखा गया। कंपनी का कहना है कि वह यात्रियों की असुविधा दूर करने के लिए अतिरिक्त प्रयास कर रही है।
जल्द होगी महत्वपूर्ण बैठक, व्यवस्था सुधार पर बड़ा फैसला संभव
संसदीय समिति ने संकेत दिया है कि जल्द ही विस्तृत बैठकों का दौर शुरू होगा, जिसमें एयरलाइंस व नियामक संस्थाओं से जवाब लेकर भविष्य की दिशा तय की जाएगी। समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी Aviation Disruption दोबारा देशव्यापी संकट न बन सके।





