देश की लो-कॉस्ट एयरलाइन इंडिगो ने आखिरकार पिछले हफ्ते हुए भारी परिचालन संकट से उभरने का दावा किया है। कंपनी के अनुसार, रविवार को कुल 1,650 उड़ानें ऑपरेट की गईं—जो यह दिखाता है कि Indigo flight operations वापस अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ रहे हैं। बीते दिनों बड़ी संख्या में कैंसिलेशन और डिलेड उड़ानों की वजह से यात्रियों को खासा इंतज़ार करना पड़ा था, लेकिन अब हालात पहले से कहीं बेहतर लग रहे हैं।
उड़ानों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी
सीईओ द्वारा जारी एक आंतरिक संदेश में बताया गया कि शुक्रवार को जहां केवल लगभग 700 उड़ानों का संचालन संभव हो पाया था, वहीं शनिवार को यह संख्या 1,500 तक पहुंची और रविवार तक 1,650 को छू गई। कंपनी का कहना है कि सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से स्थिर बनाया जा रहा है, ताकि यात्रियों को अंतिम समय में होने वाले बदलावों से राहत मिल सके। यह सुधार Indigo share expectations को भी सकारात्मक दिशा में धकेल सकता है।
ओटीपी में सुधार की उम्मीद
एयरलाइन के अनुसार रविवार का on-time performance लगभग 75 प्रतिशत तक रहने की संभावना थी—जो कि पिछले सप्ताह की चुनौतियों को देखते हुए एक महत्वपूर्ण सुधार है। एयरलाइन ने अपनी प्रक्रिया में बदलाव करते हुए कहा है कि कैंसिलेशन अब प्रारंभिक स्टेज में ही कर दिए जाते हैं, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट पर बेवजह घंटों इंतज़ार न करना पड़े।
शेयर बाजार में संभावित रिकवरी
पिछले हफ्ते इंडिगो के शेयरों में लगभग 9% की गिरावट आई थी, लेकिन परिचालन सुधार के संकेत मिलने के बाद बाजार में सकारात्मक रुझान की संभावना जताई जा रही है। शुक्रवार को शेयर करीब 5,371 रुपये पर बंद हुआ था, और विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस सप्ताह की शुरुआत में ही इसमें हल्की बढ़त दिख सकती है। उड़ानों का बहाल होना निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकता है।
यात्रियों के रिफंड और सामान की डिलीवरी में तेजी
कंपनी पिछले दिनों रद्द और अत्यधिक डिले उड़ानों की वजह से प्रभावित यात्रियों को अब तक 610 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड प्रोसेस कर चुकी है। साथ ही 3,000 से अधिक सामान यात्रियों तक वापस भेजे जा चुके हैं। एयरलाइन का कहना है कि सरकार द्वारा तय समयसीमा के भीतर बाकी प्रक्रियाओं को भी पूरा किया जा रहा है।
यात्रियों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
नागर विमानन मंत्रालय के अनुसार, किसी भी रद्द उड़ान को रीबुक करने पर यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। मंत्रालय का दावा है कि तेज़ी से उठाए गए कदमों के कारण उड़ान नेटवर्क लगभग सामान्य हो चुका है और बाकी एयरलाइंस की तरह इंडिगो का संचालन भी स्थिरता की ओर बढ़ रहा है।
संकट से उभरने की ओर कदम
इंडिगो के संचालन में बढ़ रही रफ्तार और बाज़ार में संभावित सुधार यह संकेत देते हैं कि एयरलाइन पिछले सप्ताह की भारी अव्यवस्था से धीरे-धीरे बाहर निकल रही है। परिचालन क्षमता में तेजी और यात्रियों को दी जा रही राहतें आने वाले दिनों में कंपनी की छवि और निवेशक भरोसे दोनों को मजबूत कर सकती हैं।





