सीजी भास्कर, 03 जनवरी। सोशल मीडिया की दुनिया तेज़ी से बदल रही है और इसी बदलाव को लेकर Instagram के CEO Adam Mosseri खुलकर चिंता जता चुके हैं। उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Instagram AI Content Threat) से तैयार किया गया कंटेंट आने वाले समय में सोशल मीडिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकता है।
वजह साफ है—AI इमेज और वीडियो अब इतने रियल दिखने लगे हैं कि असली और नकली के बीच फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है। मोसेरी के मुताबिक, अगर प्लेटफॉर्म्स ने समय रहते खुद को नहीं बदला, तो यूजर्स का भरोसा धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है।
AI कंटेंट बना Instagram के लिए हाई-रिस्क ज़ोन
31 दिसंबर को शेयर किए गए एक लंबे कैरोसेल पोस्ट में एडम मोसेरी ने कहा कि Instagram के सामने सबसे बड़ा जोखिम यह नहीं है कि कोई नया ऐप (Instagram AI Content Threat) आ जाएगा, बल्कि यह है कि दुनिया इतनी तेज़ी से बदल रही है कि प्लेटफॉर्म उसके साथ तालमेल नहीं बैठा पाए।
उन्होंने 2026 की ओर इशारा करते हुए कहा कि अब ऑथेंटिसिटी को अनलिमिटेड लेवल पर कॉपी किया जा सकता है। Google के एडवांस्ड AI टूल्स और OpenAI जैसे प्लेटफॉर्म्स ने हाई-क्वालिटी AI वीडियो और इमेज को आम यूजर्स के हाथ में दे दिया है। यही वजह है कि AI कंटेंट Instagram के भविष्य के लिए सबसे बड़ा रिस्क बन गया है।
असली और नकली में फर्क करना होगा और भी मुश्किल
मोसेरी ने कहा कि पहले यह मान लिया जाता था कि फोटो या वीडियो किसी असली पल का प्रतिनिधित्व करते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। आने वाले समय में हमें हर विजुअल कंटेंट को शक की नजर से देखना पड़ेगा।
उनका कहना है कि शुरुआत में Instagram AI कंटेंट पहचानने में ठीक काम कर सकता है, लेकिन जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी और बेहतर होगी, यह काम और चुनौतीपूर्ण होता जाएगा। भविष्य में कैमरा कंपनियां असली तस्वीरों और वीडियो को क्रिप्टोग्राफिक साइन या डिजिटल सर्टिफिकेट से सुरक्षित कर सकती हैं, ताकि उनकी प्रमाणिकता साबित की जा सके।
बदल चुका है Instagram यूजर्स का व्यवहार
Instagram CEO ने यह भी स्वीकार किया कि प्लेटफॉर्म का यूजर बिहेवियर पूरी तरह बदल (Instagram AI Content Threat) चुका है। पहले जहां लोग अपनी सबसे पॉलिश्ड और परफेक्ट तस्वीरें फीड पर पोस्ट करते थे, अब निजी और असली पल ज़्यादातर Direct Messages में शेयर होते हैं।
इन DM शेयरिंग्स में धुंधली तस्वीरें, हिलते वीडियो और बिना फिल्टर वाले कैंडिड मोमेंट्स होते हैं। मोसेरी ने इसे raw aesthetic कहा और माना कि आज के दौर में जरूरत से ज्यादा खूबसूरत दिखने वाला कंटेंट सस्ता और उबाऊ लगने लगा है।
Instagram को खुद को बदलना ही होगा
एडम मोसेरी के मुताबिक, AI के दौर में ऑथेंटिक कंटेंट की वैल्यू और बढ़ने वाली है। अब सवाल यह नहीं रहेगा कि आप कुछ बना सकते हैं या नहीं, बल्कि यह होगा कि क्या आप ऐसा कुछ बना सकते हैं जो सिर्फ आप ही बना सकें।
उन्होंने संकेत दिए कि Instagram को आगे चलकर—
AI कंटेंट को साफ तौर पर लेबल करना होगा
असली कंटेंट की वेरिफिकेशन के टूल्स बनाने होंगे
पोस्ट करने वाले क्रिएटर्स की विश्वसनीयता दिखानी होगी
ओरिजिनल कंटेंट की रैंकिंग को प्राथमिकता देनी होगी
ताकि AI कंटेंट की बाढ़ में भी प्लेटफॉर्म प्रासंगिक और भरोसेमंद बना रहे।


