बलौदाबाजार जिले में Instagram Private Photos Case से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने युवती की निजी तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपलोड कर उसे बदनाम करने की कोशिश की। यह घटना न केवल डिजिटल अपराध की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग की भयावह सच्चाई भी सामने लाती है।
पीड़िता की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस
इस मामले में पीड़िता ने 6 फरवरी 2026 को सिटी कोतवाली थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी युवक ने उसकी निजी तस्वीरें सार्वजनिक कर दीं, जिससे उसकी पारिवारिक प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को गहरा नुकसान पहुंचा। मामला सामने आते ही पुलिस ने Instagram Private Photos Case को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
तस्वीरें हटाने की गुहार, बदले में मिली धमकी
पीड़िता के अनुसार, उसने कई बार आरोपी से तस्वीरें हटाने का आग्रह किया, लेकिन आरोपी ने न सिर्फ इनकार किया, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बावजूद आरोपी लगातार तस्वीरें अपलोड करता रहा। इस पूरे घटनाक्रम ने युवती को मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला अपराध
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर युवती को बदनाम करने के इरादे से तस्वीरें साझा की थीं। आरोपी की पहचान सिविल लाइन क्षेत्र निवासी निखिल ठाकुर (29) के रूप में हुई है। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय में पेशी और साइबर एंगल की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही, इस Instagram Private Photos Case से जुड़े साइबर अपराध के तकनीकी पहलुओं की भी गहराई से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि तस्वीरें किन-किन माध्यमों से साझा की गईं।
डिजिटल अपराधों पर सख्ती का संदेश
यह मामला एक बार फिर यह संदेश देता है कि सोशल मीडिया पर की गई हर गतिविधि कानून की निगरानी में है। निजी तस्वीरों का दुरुपयोग न केवल अपराध है, बल्कि यह किसी की ज़िंदगी पर गहरा असर डाल सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।




