रायगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने Kolkata के एक होटल में दबिश देकर Interstate Cricket Betting Bust के तहत अंतरराज्यीय क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया। टीम को मौके से पाँच नामी सटोरियों के साथ उनके दो सहयोगी मिले, जो अलग-अलग राज्यों में चल रहे मैचों पर ऑनलाइन दांव संचालित कर रहे थे। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि ऑपरेशन का पूरा कंट्रोल रूम होटल के कमरों से चलाया जा रहा था।
भारी मात्रा में डिजिटल सबूत जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 25 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 1 टैबलेट, एक कैलकुलेटर और नकद ₹3,600 जब्त किए। जांच में डिजिटल ट्रांजैक्शन ट्रेल और सट्टा लेन-देन की प्रविष्टियाँ मिलीं, जिनसे पिछले एक माह में करोड़ों रुपये के दांव की पुष्टि हुई। जब्त सामग्री को साइबर फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए सुरक्षित किया गया है।
ऐप-आधारित सट्टेबाज़ी का खुलासा
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे मोबाइल के जरिए संपर्क बनाकर ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग ऐप पर दांव लगवाते थे। भुगतान लिंक, यूज़र आईडी और लॉग-इन क्रेडेंशियल अलग-अलग डिवाइस में रखे जाते थे ताकि ट्रैकिंग से बचा जा सके। पुलिस का कहना है कि यह पैटर्न एक संगठित साइबर-सट्टा सिंडिकेट की ओर इशारा करता है।
पुराने मामलों से कड़ी जुड़ी
जांच में कोतवाली और चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में दर्ज पुराने प्रकरणों से आरोपियों की कड़ी जुड़ती मिली। फरार चल रहे वारंटियों पर पहले से स्थायी वारंट थे, जिनकी तामिली इस रेड के जरिए हुई। अधिकारियों के मुताबिक, रिकॉर्ड मिलान से नेटवर्क की निरंतरता और ऑपरेटिंग पैटर्न साफ हुआ है।
एसएसपी का सख्त संदेश
रायगढ़ के एसएसपी Shashi Mohan Singh ने स्पष्ट किया कि जुआ-सट्टा से जुड़े तत्व कहीं भी छिपें, कार्रवाई होकर रहेगी। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध सट्टेबाज़ी पर ज़ीरो-टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है।
आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पकड़े गए दो संदिग्धों की भूमिका की अलग से जांच चल रही है; संलिप्तता पाए जाने पर अतिरिक्त धाराओं में कार्रवाई होगी। पुलिस ने बैंकिंग ट्रेल, आईपी लॉग्स और ऐप-सर्वर एक्सेस पर विस्तृत तकनीकी पड़ताल शुरू कर दी है।






