सीजी भास्कर 4 फरवरी Interstate Mobile Tower Battery Theft : कोंडागांव पुलिस ने मोबाइल टावरों से बैटरियां चोरी करने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच में सामने आया कि गिरोह की पूरी योजना अंदरूनी जानकारी के सहारे चलाई जा रही थी।
जियो का टावर इंजीनियर निकला मास्टरमाइंड
जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सभी को चौंका दिया। इस गिरोह का मास्टरमाइंड खुद एक टेलीकॉम कंपनी में टावर इंजीनियर के रूप में काम कर रहा था। टावरों की लोकेशन, सुरक्षा व्यवस्था और बैटरी स्टोरेज की जानकारी का इस्तेमाल कर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था।
फरार आरोपी मेरठ से पकड़ा गया
विवेचना के दौरान पहले ही गौतम शर्मा और जुनैद मलिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। वहीं घटना के बाद से फरार चल रहे मेरठ (उत्तर प्रदेश) निवासी समद, पिता इस्लामुद्दीन (33 वर्ष), को पुलिस ने खोजकर हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद 2 फरवरी को उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
13 लाख से ज्यादा का सामान जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 13 लाख 22 हजार रुपये की चोरी की सामग्री बरामद की है। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन को भी जब्त किया गया है। जब्त सामान में टावरों में इस्तेमाल होने वाली महंगी बैटरियां शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग राज्यों में खपाने की तैयारी थी।
टीमवर्क से मिली बड़ी सफलता
इस पूरे ऑपरेशन में कोंडागांव पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त भूमिका रही। कार्रवाई में निरीक्षक ज्ञानेन्द्र सिंह चौहान, प्रआर मोनाराम मंडावी, आरक्षक राजू पानीग्राही, फरसुराम मरकाम, प्रकाश मंडावी सहित साइबर सेल से जुड़े अधिकारियों और जवानों का अहम योगदान रहा।
आगे और खुलासों की संभावना
पुलिस का कहना है कि पूछताछ अभी जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ-साथ चोरी की पूरी सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।




