रायपुर: IPS Dangi Suspension Case: छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी के सस्पेंशन के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। राज्य सरकार ने 26 मार्च को आदेश जारी कर उन्हें निलंबित कर दिया। आदेश में कहा गया है कि उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की जांच जारी है और प्रथम दृष्टया आचरण संदिग्ध पाया गया है। यह कार्रवाई अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 और अनुशासन एवं अपील नियम 1969 के तहत की गई है।
वायरल इंटरव्यू में महिला के गंभीर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक महिला का इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंटरव्यू में महिला ने दावा किया है कि अधिकारी द्वारा अनुचित व्यवहार किया गया, जिसमें वीडियो कॉल के दौरान आपत्तिजनक हरकतें और दबाव बनाने जैसी बातें शामिल हैं। महिला का कहना है कि उसे ट्रांसफर की धमकी दी जाती थी, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप भी सामने
महिला ने अपने आरोपों में यह भी कहा है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर पैसों की मांग की जाती थी। दावा किया गया कि एक ट्रांसफर के लिए बड़ी रकम ली जाती थी और इसी के जरिए संपत्ति अर्जित की गई। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारी या विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और मामला फिलहाल जांच के दायरे में है।
कांग्रेस ने वायरल चैट्स के जरिए उठाए सवाल
मामले को लेकर सियासी माहौल भी गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर कुछ कथित चैट्स के स्क्रीनशॉट साझा किए हैं, जिनमें ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर बातचीत का दावा किया गया है। पार्टी ने सरकार से पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि इन चैट्स की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जांच प्रक्रिया जारी, पहले से दर्ज है शिकायत
बताया जा रहा है कि यह मामला पहली बार 15 अक्टूबर 2025 को सामने आया था, जब शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस मुख्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। महिला के अनुसार, उसकी मुलाकात वर्ष 2017 में कोरबा में हुई थी, जहां अधिकारी उस समय एसपी पद पर पदस्थ थे। इसके बाद संपर्क बढ़ा और बाद में कथित रूप से विवाद की स्थिति बनी।
सरकार की नजर में मामला गंभीर, आगे की कार्रवाई संभव (
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। निलंबन आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने से शासन की छवि प्रभावित हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही आगे की स्पष्ट कार्रवाई तय की जाएगी।


