सीजी भास्कर 13 मार्च Iran Tech Companies Target : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच हालात और गंभीर होते दिखाई दे रहे हैं। ईरान से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अब अमेरिका से जुड़ी कई बड़ी टेक कंपनियों के दफ्तर और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को संभावित निशाना बनाया जा सकता है। इस सूची के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां और कंपनियां सतर्क हो गई हैं।
कौन-कौन सी कंपनियां आईं निशाने पर
रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन कंपनियों का नाम इस सूची में सामने आया है, उनमें Google, Amazon, Microsoft, Nvidia, IBM, Oracle और Palantir Technologies शामिल बताई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि इन कंपनियों के कार्यालय इजरायल, दुबई, अबू धाबी और पश्चिम एशिया के अन्य हिस्सों में मौजूद हैं, जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
ईरानी मीडिया में सामने आई रिपोर्ट
ईरान से जुड़ी समाचार एजेंसी Tasnim News Agency ने इस कथित सूची को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ अमेरिकी टेक कंपनियों की तकनीक का उपयोग इजरायली सैन्य गतिविधियों में होने का आरोप लगाया गया है। इसी आधार पर इन कंपनियों के इंफ्रास्ट्रक्चर को संभावित टारगेट बताया गया है।
डेटा सेंटर पर हमले की खबरों से बढ़ी चिंता
बीते दिनों ऐसी खबरें भी सामने आईं कि बहरीन में स्थित Amazon Web Services के एक डेटा सेंटर को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना के बाद कुछ सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा और इमरजेंसी शटडाउन की स्थिति बन गई। हालांकि आधिकारिक स्तर पर सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन इस घटना ने टेक सेक्टर की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
ग्लोबल टेक सेक्टर पर बढ़ा दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टेक कंपनियों के इंफ्रास्ट्रक्चर को संघर्ष में शामिल किया जाता है, तो इसका असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक डिजिटल नेटवर्क पर भी पड़ सकता है। क्लाउड सर्विस, डेटा सेंटर और इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर आज दुनिया की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में बढ़ते तनाव के बीच टेक सेक्टर की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है।





