सीजी भास्कर, 31 मार्च। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने एक बार फिर गंभीर मोड़ (Israel Lebanon conflict) ले लिया है। Israel और Lebanon के बीच चल रही हिंसक झड़पों में 4 और इजरायली सैनिकों की मौत हो गई है, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब क्षेत्र पहले से ही लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई से जूझ रहा है।
ऑपरेशन ‘Roaring Lion’ में बढ़ता जा रहा मौत का आंकड़ा
इजरायली सेना के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए Operation Roaring Lion के बाद अब तक कुल 9 सैनिकों की जान जा चुकी है। ताजा हमले में मारे गए सैनिकों में कुछ वरिष्ठ रैंक के जवान भी शामिल हैं, जबकि दो अन्य सैनिक घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर है। इस ऑपरेशन का उद्देश्य सीमा पार से हो रहे हमलों को रोकना और विरोधी ताकतों की सैन्य क्षमता को कमजोर करना बताया जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही जान-माल का नुकसान भी लगातार बढ़ रहा है।
नागरिक भी बन रहे हैं जंग का शिकार
इस संघर्ष का असर केवल सैनिकों तक सीमित (Israel Lebanon conflict) नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Israel पर हुए रॉकेट और मिसाइल हमलों में अब तक 22 नागरिकों की भी मौत हो चुकी है। हाल ही में उत्तरी इजरायल के नहारिया शहर में हुए रॉकेट हमले में एक नागरिक की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हुए। यह दिखाता है कि जंग अब सीधे आम लोगों को भी प्रभावित कर रही है।
नेतन्याहू का बड़ा बयान
इस बीच Benjamin Netanyahu ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल का संयुक्त अभियान अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और “आधे से ज्यादा रास्ता तय कर चुका है।” उन्होंने दावा किया कि इस अभियान के तहत विरोधी पक्ष की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव, आगे क्या?
मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते (Israel Lebanon conflict) जा रहे हैं। Iran और उससे जुड़े समूहों की सक्रियता के चलते यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह टकराव और बड़े युद्ध में बदल सकता है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिलेगा। फिलहाल हर नए हमले के साथ मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है और शांति की उम्मीदें कमजोर पड़ती दिख रही हैं।


